कांग्रेस ने कहा हम अकेले चुनाव लड़ने की कर रहे तैयारी, ‘आप’ मानी तो सिर्फ दिल्ली में करेंगे गठबंधन

कांग्रेस (Congress) ने आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) के साथ दिल्ली में गठबंधन की संभावना को खुले रखते हुए कहा कि वह अकेले चुनाव (Lok Sabha Election 2019) लड़ने की तैयारी कर रही है, लेकिन अगर आप सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तालमेल के लिए हामी भरती है तो फिर वह तैयार है. दूसरी तरफ, आप ने कहा है कि वह दिल्ली के साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और गोवा में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन के पक्ष में है. पार्टी के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको ने यह भी कहा कि जल्द ही दिल्ली की सभी सात सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘हम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे थे. हमारी नीति है कि भाजपा को हराने के लिए अलग-अलग राज्यों में गठबंधन किय जाए. दिल्ली में भी यह सुझाव आया कि आप के साथ गठबंधन किया जाए और वह (कांग्रेस) तैयार भी है.’ चाको ने कहा, ‘दिल्ली इकाई आप के साथ जाने को लेकर चिंता जताई थी. हालांकि राहुल गांधी ने मुझे जिम्मेदारी दी थी कि मैं अपने नेताओं और आप के साथ बातचीत करूं. संजय सिंह उधर से बात कर रहे थे.’

उन्होंने कहा, ‘निगम चुनाव में कांग्रेस और आप का कुल वोट 47 प्रतिशत था. हम चाहते थे कि आप चार और कांग्रेस तीन सीटों पर लड़े. इस पर सहमति भी बन गयी थी. लेकिन आप की तरफ से यह बात आई कि हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों में गठबंधन के लिए बात हो.’ उन्होंने कहा, ‘दिल्ली की स्थिति और दूसरे राज्यों की स्थिति अलग है. परसों आप की तरफ से बयान आया कि गठबंधन नहीं हो रहा है.’ चाको ने कहा, ‘आपका रुख व्यवहारिक नहीं है. इसलिये हमने सात सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया है. उम्मीदवारों की घोषणा एक दो दिन में कर दी जाएगी.’ यह पूछने जाने पर क्या अब दिल्ली में गठबंधन की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है तो उन्होंने कहा, ‘ हम सिर्फ दिल्ली में गठबंधन के लिए तैयार हैं.’

दूसरी तरफ, आप नेता गोपाल राय ने कहा कि आप ने शुरू में ही स्पष्ट कर दिया था कि गठबंधन होगा तो 33 सीट पर होगा. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के दिल्ली के प्रभारी पीसी चाको ने कहा है कि कांग्रेस ने सिर्फ़ दिल्ली में आप के साथ गठबंधन की पहल की थी लेकिन आप के हरियाणा और पंजाब में भी गठबंधन करने की आप की शर्त के कारण पार्टी दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ना लड़ेगी. चाको ने हालांकि कहा कि अभी भी दिल्ली में आप के साथ मिलकर चुनाव लड़ने विकल्प खुला है. इसके जवाब में राय ने कहा, “पार्टी ने कांग्रेस के साथ सैकड़ों मतभेदों के बावजूद देशहित में गोवा, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की 33 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ने की पहल की थी. आत्ममुग्धता की शिकार कांग्रेस अगर यह बात नहीं समझ पा रही है तो आप दिल्ली की सभी सात सीट पर भाजपा को हराकर दिखाएगी.”