इस बड़े नेता ने किया बड़ा खुलासा, बिहार में लग सकता है राष्ट्रपति शासन !

इस बड़े नेता ने किया बड़ा खुलासा, बिहार में लग सकता है राष्ट्रपति शासन !

हाल में गठित केंद्र की मोदी सरकार-2 से बाहर रहने के नीतीश कुमार के फैसले के बाद कांग्रेस एक वरिष्ठ नेता ने बड़ी भविष्यवाणी की है। बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता व MLC प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा है कि राज्य में जल्द ही राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है या फिर विधानसभा के चुनाव समयपूर्व कराए जा सकते हैं। कांग्रेस नेता ने एक अंग्रेजी अखबार से फोन पर बातचीत में कहा कि बिहार में राजग गठबंधन में शामिल भाजपा और जेडीयू के बीच एक तरह से तूतू-मैंमैं शुरू हो चुकी है।

कांग्रेस एमएलसी ने कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार-2 में मंत्री पद को लेकर भाजपा और जेडीयू के बीच जिस तरह का विवाद सामने आया, उससे साफ लगने लगा है कि अब यह दोस्ती बहुत दिन तक नहीं चलने वाली है। बिहार में भाजपा और जेडीयू के बीच बढ़ते मतभेद से ऐसा लग रहा है कि प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार जल्द ही गिर सकती है और राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है या फिर समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं।

प्रेम चंद्र मिश्रा ने बिहार में बदलती परिस्थितियों और पिछले कुछ समय से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस गति से समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, इससे लग रहा है कि राज्य में जल्द ही चुनाव हो सकते हैं। यह पूछे जाने पर क्या कांग्रेस पार्टी, जेडीयू और जीतनराम मांझी की हिन्दूस्तान आवाम मोर्चे के साथ मिलकर राज्य में तीसरे मोर्चे के गठन की कोई गुंजाइश दिखाई दे रही है ? इसपर कांग्रेस नेता ने कहा कि फिलहाल इसको लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी ही होगी।

लोकसभा चुनाव में BJP-JDU का शानदार प्रदर्शन

आपको बता दें कि गत लोकसभा चुनाव में बिहार में भाजपा-जेडीयू गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया था। चुनाव परिणामों के बाद केंद्र में फिर से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार बनी। परंतु इस नई सरकार में जेडीयू को केवल एक मंत्री पद की पेशकश किए जाने से नाराज नीतीश कुमार ने कैबिनेट में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया।

 

दरअसल, नीतीश कुमार मोदी सरकार-2 में दो मंत्री पद मांग रहे थे। हालांकि नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि जेडीयू एनडीए का घटक दल बना रहेगी, लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं होगी। इसके कुछ ही दिन बाद नीतीश कुमार ने बिहार में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, जिसमें भाजपा के कोटे से एक भी मंत्री को शामिल नहीं किया। इन्हीं सब घटनाक्रम को देखते हुए कहा जा रहा है कि अब बिहार में भाजपा और जेडीयू गठबंधन में कुछ भी ठीक नहीं है।

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