एक तरफ देश शहीदों की शहादत पर रो रहा है और भाजपा लाशें गिन रही है- केजरीवाल

एक तरफ देश शहीदों की शहादत पर रो रहा है और भाजपा लाशें गिन रही है- केजरीवाल

भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद मोदी द्वारा बृहस्पतिवार को भाजपा के मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम को संबोधित करने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कड़ा विरोध जताया। वहीं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा के कर्नाटक में 22 सीटें मिलने के बयान को लेकर भाजपा को घेरा। दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन चर्चा के दौरान केजरीवाल ने कहा कि पुलवामा में हमारे 40 जवान आतंकी हमले में मार दिए गए और येदुरप्पा 22 सीटें मिलने की बात करते हैं।

उन्होंने भाजपा से पूछा है कि 300 सीटें जीतने के लिए और कितने जवानों को शहीद करेंगे। कितने घर बर्बाद और कितनी औरतों को बेवा करेंगे। क्या वोटों और लोकसभा सीटों के लिए ही उन्होंने हमला करवाया। केजरीवाल ने कहा कि आज पूरा देश एक है।

पुलवामा में हमारे जवानों के मारे जाने पर मैंने खुद कहा था कि मैं प्रधानमंत्री जी के साथ हूं। पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया जाना चाहिए। मंगलवार तड़के हमारे जवानों ने पाकिस्तान में जाकर बम गिराए। हमने अपने को गौरवान्वित महसूस किया। मगर बुधवार को जिस तरह का घटनाक्रम हुआ। उसे लेकर देश के हर नागरिक के मन में पीड़ा है।

पाकिस्तान के विमान हमारी सीमा में आकर वापस लौट गए। हमारा एक पायलट पाकिस्तान ने गिरफ्तार कर लिया। ऐसे हालात में हमारे प्रधानमंत्री को जब उस पायलट को वापस लाने के लिए पहल करनी चाहिए तो मेरा बूथ, सबसे मजबूत कर रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा कि ऐसी सरकार पर लानत है, जो देश पर विपत्ति आने पर चुनावी बूथ मजबूत करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश शहीदों की शहादत पर रो रहा है और भाजपा लाशें गिन रही है। कितने सैनिकों की लाशें अभी आई हैं और कितने वोट मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में इस समय दो तरह की राजनीति चल रही है, एक टुकड़े-टुकड़े की राजनीति। जिसने देश को पाकिस्तान से ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। पूरे देश को आपस में लड़ा दिया। इन्होंने देश में नफरत का जहर घोल दिया है।

वहीं दूसरी राजनीति आम आदमी पार्टी कर रही है, जो देश के जवानों और शहीदों के सपनों के अनुसार काम कर रही है। मुख्यमंत्री को अपने भाषण के दौरान कई बार भाजपा विधायकों की टोका टाकी की वजह से रुकना भी पड़ा। शुरुआत ओम प्रकाश शर्मा ने की।

उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ सदन में बोले जाने पर आपत्ति जताई। भाजपा विधायक वेल में आ गए। बार-बार कहने पर भी भाजपा विधायक जब शांत नहीं हुए तो विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल के निर्देश पर मार्शलों ने पहले शर्मा फिर अकाली व भाजपा विधायक मन¨जदर सिंह सिरसा और इसके बाद नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को सदन से बाहर निकाल दिया।

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