मानसून का परिंदा तेलंगाना में नज़र आगया

हैदराबाद: महिना रमज़ान के शुरुआती अय्याम खत्म होने वाला है और गर्मी भी इसकी ऊंचाई तक पहुंच गई है। जिससे  रोज़ा के दौरान सख़्त आज़माईश बर्दाश्त कर रहे हैं ताकि रब अलाज़त की रज़ा हासिल हो जाएगी। इस बीच जनता के लिए एक राहत की खबर यह है कि जो पक्षी को मानसून के आगमन के संबंध में महत्व प्राप्त है वह एक प्रकार कोयल है कि मानसून के आने से कुछ सप्ताह पहले दिखाई देती है और मानसून के आगमन के लिए जाकोबीन कोयल यह खुश होना माना जाता है और यह कुआलालंपुर के मेले जंगल में देखा जाता है। पर्यावरण और मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में मानसून के आगमन से कुछ सप्ताह पहले यह पक्षी दिखाई देता है और अब यह पक्षी संगारेड्डी क्षेत्र में मौजूद ताला पल्ली झील के पास भी देखा गया है।

जानकारी के अनुसार सफेद और काले रंग की यह कोयल जो आमतौर दक्षिण अफ्रीका हजारों कलोमीटरस की दूरी तय करते हुए दक्षिण पश्चिमी मानसून से कुछ सप्ताह पहले भारत पहुंचता है जबकि राज्य तेलंगाना में पक्षी का दिखाई देना इस बात का संकेत है कि अगले 2 या मॉन्सन का आगमन 3 सप्ताह में होने की उम्मीद है।

पक्षियों विस्थापन के विशेषज्ञों के मुताबिक ये पक्षी दक्षिण अफ्रीका से हजारों किलोमीटरस यात्रा तय करते हुए भारत का रुख करते हैं जिनमें राज्य तेलंगाना स्थान मानजीरा, अनंत पकड़ने पहाड़ी क्षेत्र, नर्सा जयपुर के वन क्षेत्र, पोचार्म, नलामला जंगलों और अमीनपुर में पक्षियों के आव्रजन को आसानी से देखा जा सकता है। और उन क्षेत्रों में मेसन के आगमन के क्षेत्रों में कई पक्षी का आगमन होता हैं, जिनमें उपर्युक्त पक्षी शामिल हैं।