12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात मुम्किन हुकूमत पर दबाव‌ की ज़रूरत

12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात मुम्किन हुकूमत पर दबाव‌ की ज़रूरत

हैदराबाद 06 अक्टूबर: पसमांदगी का शिकार तबक़ात के साथ इन्साफ़ के लिए तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी एक जमहूरी तरीक़े कार है जिसकी तकमील के लिए रियासती हुकूमतों को संजीदा इक़दामात उठाना पड़ता है।जिस तरह मग़रिबी बंगाल हुकूमत ने जस्टिस रंगनाथ मिश्रा कमीशन की शफ़ारशात पर अमल करते हुए मग़रिबी बंगाल में मुस्लमानों को बारह फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने का तारीख़ साज़ फ़ैसला किया था जिस पर आज तक अमल जारी है।

सी पी आई जनरल सेक्रेटरी-ओ-राज्य सभा सीताराम यचोरी ने प्रकाशम हाल गांधी भवन नामपल्ली में सी पी आई तेलंगाना यूनिट के ज़ेर-ए‍एहतेमाम तेलंगाना में अक़लियतों के लिए माइनॉरिटी सब प्लान और बारह फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी के मुतालिबे पर मुनाक़िदा रियासती कनवेनशन से ख़िताब के दौरान ये बात कही।

जस्टिस चंद्रकुमार सी पी आई एम सेक्रेटरी तेलंगाना तमनीती वीरा भदरम उसमान शहीद एडवोकेट के अलावा पार्टी के रियासती क़ाइदीन जे डी नर्सिंग राव‌ टी सीता रामिया गवर्धन रेड्डी और दुसरे इस कनवेनशन से ख़िताब करते हुए तेलंगाना रियासत में मुस्लिम तहफ़्फुज़ात के वादे को पूरा करने का हुकूमत तेलंगाना से मुतालिबा किया।

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