नई दिल्ली 25 मई ( पी टी आई ) नायाब सदर जम्हूरीया हामिद अंसारी अदीस अबाबा में अफ़्रीक़ी यूनीयन की जश्न ज़रीं चोटी कान्फ़्रैंस में हिन्दुस्तान की नुमाइंदगी करेंगे ।इस तरह वो 54 रुकनी अफ़्रीक़ी यूनीयन के 10 मुंतख़ब ग़ैर अफ़्रीक़ी शुरका में शामिल हो जाएंगे जो इस तारीख़ी चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत कर रहे हैं ।
हामिद अंसारी हब्श के दार-उल-हकूमत रवाना होजाएंगे । तवक़्क़ो है कि वो जुनूब से जुनूब तआवुन और बहाली अमन-ओ-सलामती , ज़राअत , फ़रोग़ इंसानी वसाइल , इत्तेलाआती टेक्नालोजी , तालीमात , तिजारत और सरमायाकारी के शोबों में तआवुन की आइन्दा कार्यवाईयों के सिलसिले में तबादला-ए-ख़्याल करेंगे ।
जवाइंट सैक्रेटरी अफ़्रीक़ी यूनीयन के मशरिक़ रवी बंगर ने कहा कि हिन्दुस्तान की अफ़्रीक़ा के साथ मौजूदा क़रीबी ,मुस्तहकम ,तारीख़ी शराकतदारी के पेशे नज़र ये क़तई मुनासिब होगा कि हिन्दुस्तान को इस चोटी कान्फ़्रैंस में इतनी बुलंद सतह पर पेश किया जाये ।
उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान उन चंद मुंख़बा शराकतदारों में से एक है जिन्हें अफ़्रीक़ी यूनीयन की चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत की दावत दी गई है । हिन्दुस्तान के चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत करने वाले दीगर मुंतख़ब अफ़राद आली सतही अफ़्रीक़ी क़ियादत से ताल्लुक़ रखते हैं ।
इन में अमरीका , योरोपी यूनीयन ,फ़्रांस ,ब्राज़ील ,रूस ,चीन ,जमैका, फ़लस्तीन और मुत्तहदा अरब इमारात शामिल हैं । तवक़्क़ो है कि ग़ैर मुल्की अहम शख़्सियात चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत करेंगी जिन में वज़ीर-ए-ख़ारजा अमरीका जान कैरी , सदर चीन झ जिनपिंग के ख़ुसूसी नुमाइंदा , नायाब सदर वांग यांग शिरकत करेंगे ।
हामिद अंसारी चोटी कान्फ़्रैंस के दौरान अलहदा तौर पर क़ाइदीन के साथ बाहमी तबादले ख़्याल करेंगे जिसका ताय्युन किया जा रहा है । अफ़्रीक़ी यूनीयन की 50 वीं सालगिरा तक़ारीब की नुमायां एहमीयत और इसके पेशरू तंज़ीम बराए अफ़्रीक़ी इत्तेहाद की एहमीयत दो तारीख़ी कारनामे हैं जो अफ़्रीक़ी ममालिक ने अंजाम दीए हैं ।
बर्र-ए-आज़म से नौ आबादियाती निज़ाम का और जुनूबी अफ़्रीक़ा के नसल परस्ती के निज़ाम का ख़ातमा होचुका है । हिन्दुस्तान इन ममालिक में शामिल हैं जिन्होंने अफ़्रीक़ी ममालिक की इस इन्क़िलाबी तबदीली में हिस्सा लिया है और योरोपी यूनीयन की 50 वीं सालगिरा को इसका संग-ए-मील समझता है ।
विज़ारत-ए-ख़ारजा के तर्जुमान सय्यद अकबरुद्दीन ने नायाब सदर जम्हूरीया के दो रोज़ा सरकारी दौरे की तफ़सीलात का इन्किशाफ़ करते हुए कहा कि हामिद अंसारी के हमराह एक आली सतही वफ़द की चोटी कान्फ़्रैंस में शिरकत इस बात का सबूत है कि हिन्दुस्तान बर्र-ए-आज़म अफ़्रीक़ा की सयानत और इन्फ्रास्ट्रक्चर की तरक़्क़ी का पाबंद है ।