अमरीका , नरेंद्र मोदी के वज़ीर-ए-आज़म बनने का मुतमन्नी!

अमरीका , नरेंद्र मोदी के वज़ीर-ए-आज़म बनने का मुतमन्नी!
रिश्वत सतानी और अस्क़ामस से कांग्रेस की साख कमज़ोर, 2011 इंतिख़ाबात में बी जे पी वाहिद मुतबादिल

रिश्वत सतानी और अस्क़ामस से कांग्रेस की साख कमज़ोर, 2011 इंतिख़ाबात में बी जे पी वाहिद मुतबादिल
न्यूयार्क । 15 सितंबर (एजैंसीज़) न्यूयार्क में हिंदूस्तानी सिफ़ारतख़ाना पर मुनाक़िदा हालिया कान्फ़्रैंस के दौरान स्टेट डिपार्टमैंट के ओहदेदार ने अचानक चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी की सताइश करते हुए उन की शान में ज़बरदस्त क़सीदागोई शुरू करदी, लेकिन यही अमरीकी स्टेट डिपार्टमैंट ने 2002-ए-के मुस्लिम कश फ़साद पर ब्रहमी ज़ाहिर करते हुए नरेंद्र मोदी पर फ़साद को भड़काने का इल्ज़ाम आइद किया था और उन्हें वीज़ा जारी करने से इनकार किया था। 2005ए- में अमरीकी हुकूमत ने मुस्लिम कश फ़सादाद की बुनियादों पर ही वीज़ा नहीं दिया था। इस पर मोदी ने ब्रहमी और ग़ुस्सा में अमरीका के ख़िलाफ़ 47 सफ़ा का किताबचा शाय करवाकर एहतिजाज किया था, लेकिन अब नरेंद्र मोदी को हिंदूस्तान का वज़ीर-ए-आज़म बनाने के इमकानात के दरमयान अमरीका और इस के महिकमे सताइश करने लगे हैं। अमरीकी क़ानून साज़ों और स्टेट डिपार्टमैंट ने नई दिल्ली में बी जे पी के इक़तिदार पर वापसी की तमन्ना ज़ाहिर की है और नरेंद्र मोदी को वज़ीर-ए-आज़म के तौर पर देखना चाहते हैं। इस पर अमरीकी तजज़िया कारों का कहना हीका कांग्रेस पार्टी की सयासी साख में गिरावट दर्ज की जा रही है। बड़े पैमाने पर कुरप्शन के स्कैंडलस बेनकाब होने से कांग्रेस बदनामी की खाई में गिर चुकी है इस लिए हिंदूस्तान में बी जे पी एक बेहतर मुतबादिल और नरेंद्र मोदी मज़बूत वज़ीर-ए-आज़म बन कर इक़तिदार पर क़ाबिज़ होंगे अगर चीका आम इंतिख़ाबात केलिए अभी वक़्त है और जारीया साल 2011 में बदउनवानीयों के वाक़ियात रौनुमा हुए हैं। इसलिए बी जे पी 2014 के इंतिख़ाबात में कांग्रेस के लिए एक चैलेंज बन कर उभरने का मौक़ा तलाश कररही है। अगर नरेंद्र मोदी हिंदूस्तानी वज़ीर-ए-आज़म बन जाएं तो अमरीका का मौक़िफ़ भी तबदील होजाएगा और वो अपने माज़ी की ग़लती पर इज़हार नदामत करेगा। मोदी की शान में सुर्ख़ क़ालीन इस्तिक़बाल की तैय्यारीयां करेगा। एक अमरीकी अख़बार को इंटरव्यू देते हुए वाशिंगटन में अमरीकी सिफ़ारतकार ने कहा कि अगर मोदी हिंदूस्तान के वज़ीर-ए-आज़म बन जाएं तो अक़वाम-ए-मुत्तहिदा सलामती कौंसल की जनरल असैंबली के सालाना सैशन में शिरकत केलिए उन की आमद पर ख़ौरमक़दम किया जाएगा। मोदी को वीज़ा जारी ना करने अमरीका के फ़ैसला से पैदा होने वाली तल्ख़ी के बाद अमरीकी कंपनीयों ने गुजरात के साथ दोस्ती बढ़ाई है और गुजरात में सरमाया कारी की गई है। इस लिए 6 करोड़ गुजराती अवाम भी अमरीका को अपनी पहली पसंद क़रार देंगे। कौंसिल जनरल पीटरयास ने अमरीकी वफ़ूद की क़ियादत करते हुए गुज़शता हफ़्ता गुजरात का दौरा किया था, जहां अमरीकी कंपनीयों ने समनट, पैट्रोल, ज़राअत और टैक्नोलोजी शोबों में सरमाया कारी करने का फ़ैसला किया है।
मोदी अच्छे वज़ीर-ए-आज़म होसकते हैं लेकिन और भी उम्मीदवार मौजूद
यशवंत सिन्हा का रद्द-ए-अमल । मग़रिब की राय को एहमीयत देने की रिवायत में तबदीली की वकालत
नई दिल्ली 15 सितंबर ( पी टी आई ) सीनीयर बी जे पी लीडर यशवंत सिन्हा ने आज कहा कि चीफ़ मिनिस्टर गुजरात मिस्टर नरेंद्र मोदी एक अच्छे वज़ीर-ए-आज़म होसकते हैं लेकिन जब इस ओहदा केलिए किसी उम्मीदवार के इंतिख़ाब का वक़्त आएगा तो पार्टी में सलाहीयतों की कोई कमी नहीं है । मिस्टर सिन्हा ने पी टी आई से बातचीत करते हुए कहा कि जहां तक ये सवाल है कि आया वो अच्छे वज़ीर-ए-आज़म साबित होसकते हैं तो यक़ीनी तौर पर वो अच्छे वज़ीर-ए-आज़म साबित होसकते हैं। जब उन्हों ने गुजरात में अच्छा इंतिज़ामीया दिया है तो वो हिंदूस्तान भर में भी बेहतर नज़म-ओ-नसक़ दे सकते हैं लेकिन उन्हों ने वाज़िह किया कि बी जे पी में इस ओहदा केलिए सलाहीयतों की कमी नहीं है और इस को पर करने कई लोग मौजूद हैं। मुल्क में होने वाले आइन्दा इंतिख़ाबात में मोदी कोबी जे पी का वज़ारत अज़मी उम्मीदवार समझा जा रहा है क्योंकि अदालत ने हाल ही में उन्हें गुलबर्ग सोसायटी क़तल-ए-आम मुक़द्दमा में कुछ राहत दी है । यशवंत सिन्हा ने कहा कि असल सवाल ये नहीं है कि मोदी को किस नज़र से देखा जाता है या माज़ी में लोग किस तरह वज़ारत अज़मी तक पहूंचे हैं । इन अफ़राद को सयासी जमातों ने वज़ारत अज़मी उम्मीदवार के तौर पर पेश किया था और इस वक़्त मलिक के अवाम ने उन के हक़ में राय दी थी । असल सवाल किसी फ़र्द के ताल्लुक़ से सोचने का नहीं है । मिस्टर सिन्हा ने अमरीकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट को एहमीयत नहीं दी जिस में कहा गया है कि मोदी ने गुजरात में अच्छी हुकूमत की है । ताहम कांग्रेस ने मज़ीद शऊर का मुज़ाहरा किया है । उन्हं ने कहा कि वो नहीं समझते कि अभी मुलक माक़बल आज़ादी की ज़हनीयत से छुटकारा हासिल करसका है । ऐसे में जब कभी मग़रिब से कोई बात निकलती है तो उसे सच्च मान लिया जाता है । उन्हों ने कहा कि मोदी ने गुजरात में इंतिहाई कामयाब और साफ़ सुथरी हुकूमत फ़राहम की है और हर कोई इस से वाक़िफ़ है । उन्हों ने कहा कि दूसरी जानिब यू पी ए इक़तिदार में कुरप्शन का ही उरूज है ।

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