‘अमरीका न दे पाक को नसीहत’

‘अमरीका न दे पाक को नसीहत’
इस्लामाबाद, 20 सितंबर: पाकिस्तान प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ चल रहे युद्ध में बहुत बलिदान किया और अब उस पर ओर दबाव नहीं डालना चाहिए.

इस्लामाबाद, 20 सितंबर: पाकिस्तान प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ चल रहे युद्ध में बहुत बलिदान किया और अब उस पर ओर दबाव नहीं डालना चाहिए.

उन्होंने इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा है कि अमरीका को चाहिए कि वह पाकिस्तान को चरमपंथियों के ख़िलाफ़ और कार्रवाई करने की सलाह देने के बजाए ख़ुद और क़दम उठाए.

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संबंधित टॉपिक्सपाकिस्तान, अमरीका प्रधानमंत्री का यह बयान अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा के बयान पर प्रतिक्रिया के रुप में देखा जा रहा है जिसमें अमरीकी रक्षा मंत्री ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान को चेतावनी दी थी.

उन्होंने अपनी अमरीकी यात्रा रद्द करने का कारण बताते हुए कहा कि सिंध में बारिश से हुई तबाही के बाद पुनर्निर्माण के काम की वे ख़ुद निगरानी करना चाहते हैं इसलिए उन्होंने अमरीकी यात्रा स्थागित कर बाढ़ ग्रस्त इलाक़ों का दौरा करने का फ़ैसला लिया है.

ग़ौरतलब है कि अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने चेतावनी दी थी कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों पर हमला करने वाले पाकिस्तान स्थित चरमपंथियों को रोकने की हरसंभव कोशिश करेगा. हालाँकि उन्होंने इस कार्रवाई के बारे में और ब्यौरा नहीं दिया था.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि उनकी यह टिप्पणी आतंकवाद के ख़िलाफ़ दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की भावना से हटकर है.

अमरीका ने काबुल में अमरीकी दूतावास और नेटो के मुख्यालय पर हमलों के लिए पाकिस्तान स्थित हक़्क़ानी नेटवर्क को ज़िम्मेदार बताया था.

अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा था कि अमरीका ने समय-समय पर पाकिस्तानी सरकार से अपील की थी कि वो हक्कानी नेटवर्क पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है.

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