अयोध्या में भाषण देने के लिए हिंदी की ट्यूशन ले रहे हैं उद्धव ठाकरे

अयोध्या में भाषण देने के लिए हिंदी की ट्यूशन ले रहे हैं उद्धव ठाकरे

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के पूर्व निर्धारित 25 नवम्बर को अयोध्या आगमन कार्यक्रम के बाद विहिप की ओर से धर्मसभा के ऐलान से उपजी कडुवाहट अब दूर हो गयी है। शिवसेना प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने एक दिन पूर्व विहिप के मुख्यालय कारसेवकपुरम जाकर विहिप के अन्तरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय से भेंट कर संगठन की दुविधा का इजहार किया। वहीं श्री राय ने भी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से उपजी विषम परिस्थिति को लेकर संगठन की सफाई पेश की। आपसी मलाल दूर होने के बाद श्री राउत ने उन्हें व श्री ठाकरे के आशीर्वाद समारोह में आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के पूर्व निर्धारित 25 नवम्बर को अयोध्या आगमन कार्यक्रम के बाद विहिप की ओर से धर्मसभा के ऐलान से उपजी कडुवाहट अब दूर हो गयी है।

शिवसेना प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने एक दिन पूर्व विहिप के मुख्यालय कारसेवकपुरम जाकर विहिप के अन्तरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय से भेंट कर संगठन की दुविधा का इजहार किया। वहीं श्री राय ने भी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से उपजी विषम परिस्थिति को लेकर संगठन की सफाई पेश की। आपसी मलाल दूर होने के बाद श्री राउत ने उन्हें व श्री ठाकरे के आशीर्वाद समारोह में आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया। उधर, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या में करीब 1 घंटा हिंदी में भाषण देने वाले हैं। इसके लिए वह विशेषज्ञों से हिंदी की ट्यूशन ले रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि वे अपने भाषण को प्रभावी बनाने के लिए हिंदी के धारदार शब्दों का इस्तेमाल करना चाहते हैं।

मंगलवार को लक्ष्मणकिला में आयोजित पत्रकार वार्ता में शिवसेना नेता व राज्यसभा सदस्य श्री राउत ने कहा कि कारसेवकपुरम में भाजपा सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्त एवं महापौर ऋषिकेश उपाध्याय भी मिले थे। उन्हें भी श्री ठाकरे के कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है और वह सभी आने को राजी हैं। श्री राउत ने कहा कि विहिप से हमारी कोई स्पर्धा नहीं है और हमारा मकसद भी एक है कि केन्द्र सरकार संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि श्री ठाकरे के आगमन के बाद विहिप की ओर से आयोजित धर्मसभा में जाने के विषय में वार्ता की जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि सभी संत-महंत हमारे हैं और राम मंदिर आन्दोलन में शिवसेना का भी बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दू संगठनों के आपसी वैमनस्य से समाज कमजोर होगा और विपक्षियों को बल मिलेगा। राज्यसभा सदस्य श्री राउत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हिन्दुत्व की शक्ति बढ़ रही है। यही कारण है कि राहुल गांधी, ममता व मुलायम-अखिलेश सभी को इस झंडे के नीचे आना होगा। उन्होंने बताया कि ठाकरेजी के आगमन यहां लाखों की संख्या में शिवसैनिक आ सकते हैं। लेकिन हमने भीड़ को निय्त्रिरत कर दिया है। फिर भी जो आएंगे उनके साथ ठाकरे जी जनसंवाद स्थापित करेंगे लेकिन जनसभा नहीं होगी।

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