रांची 4 मई : झारखंड के गवर्नर से मिल रही बाकायदा रिपोर्ट के बाद मरकजी हुकूमत ने असेंबली तहलील करने की तैयारी कर ली है। खबर है कि मरकजी वजीर दाखला ने झारखंड में असेंबली तहलील करने की सिफारिश मरकजी वज़ारत से कर दी है। आखरी फैसला मरकजी वज़ारत को लेना है. ऐसी इम्कान है कि मंगल को होनेवाली मरकजी वजारत की बैठक में झारखंड असेंबली तहलील करने की सिफारिश को मंजूरी के लिए रखा जायेगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद असेंबली इलेक्शन का रास्ता साफ हो जायेगा।
कोई भी जमात सामने नहीं आया
झारखंड में 18 जनवरी को सदर राज लगाया गया था. उसके बाद से ही असेंबली ससपेंड है। रियासत में हुकूमत के कायम के लिए कोई भी पार्टी अक्सरियत के साथ सामने नहीं आया। साढ़े तीन महीने से रियासत में यह सूरतेहाल है। खबर है कि मरकजी हुकूमत भी मानती है कि मौजूदा हालात में एवजी हुकूमत बनना मुक्मिन नहीं है। एक सीनियर अफसर ने बताया कि इस बारे में फैसले के लिए मरकजी वज़ारत की बैठक जल्द होने की उम्मीद है।
18 जुलाई को खत्म होगी मुद्दत
18 जुलाई को सदर राज की मुद्दत ख़त्म हो रही है। सदर राज की मुद्दत बढ़ाने के लिए मर्क़ज़ी हुकूमत को एवान की इज़ाज़त लेनी होगी। ऐसे हालात में मर्क़ज़ी हुकूमत इलेक्शन कराने का रास्ता साफ करना चाह रही है। रियासत में सियासी रुकावट को दूर करने के लिए वज़ीरे दाखला ने पहल की है।
पार्टियों ने असेंबली तहलील करने की कोशिश की थी
रियासत में मौजूदा हालात में कई दलों ने गवर्नर से मिल कर असेंबली तहलील करने की दरख्वास्त की थी। इसमें भाजपा, जदयू, आजसू, झाविमो और वामपंथी दल शामिल हैं. रियासत में इत्तेहाद के हालात नहीं बन पा रहे हैं। झामुमो और कांग्रेस के दरमियान हुकूमत बनाने पर इत्तेफाक राय नहीं हो सकी है।