दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने एक बार फिर से वेतन बढ़ाने की मांग उठाई है। इन विधायकों का कहना है कि इतनी कम सैलरी में काम नहीं चलता है। यहां तक की शादी भी नहीं हो रही है। AAP विधायकों ने वेतन को बढ़ाकर 2-2.5 लाख रुपये करने की मांग की है। भाजपा ने भी AAP विधायकों की मांग का समर्थन किया है। बता दें कि दिल्ली में विधायकों का वेतन 12 हजार रुपये है। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक विशेष रवि ने कहा कि वेतन इतना कम है कि इससे घर चलाना भी मुमकिन नहीं है। उन्होंने बताया कि शादीशुदा विधायकों के बच्चे हुए हैं उनके खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, जिन विधायकों की शादी नहीं हुई, उनके लिए रिश्ते नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पर विपक्ष के साथियों को राय रखनी चाहिए और वे बताएं कि इसके लिए गृहमंत्री के पास कब जाया जाए।
बीजेपी विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने आप विधायक के प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘हम इस प्रस्ताव के साथ हैं। मुख्यमंत्री को इस पर सकारात्मक तरीके से काम करना चाहिए। विधायकों की सैलरी कम होने की वजह से शादी नहीं हो रही है। ऐसे में वेतन बढ़ना चाहिए ताकि शादी हो सके।’ इस पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘मेरा प्रस्ताव है कि इस मुद्दे पर कमेटी बनाई जाए। इसके लिए 6 सदस्यों की कमेटी बने जो गृहमंत्री से मिलेगी।’
तीन साल पहले वेतन बढ़ाने को लेकर पास किया था पस्ताव: वर्ष 2015 में दिल्ली विधानसभा ने एक विधेयक पास किया था, जिससे विधायकों की सैलरी 12,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 50,000 रुपये करने का प्रावधान किया गया था। यह बढ़ोतरी करीब 400 फीसदी थी। साथ ही साथ विधायकों के भत्ते को 88,000 से बढ़कर 2,10,000 रुपये करने की व्यवस्था की गई थी। इसके अमल में आने पर दिल्ली के विधायक असम को छोड़कर देशभर में सबसे ज्यादा वेतन-भत्ते पाने वाले विधायकों में शुमार हो जाते। इसको लेकर अरविंद केजरीवाल की सरकार को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था। हालांकि, सीएम केजरीवाल ने सैलरी बढ़ोतरी प्रस्ताव का यह कहते हुए बचाव किया था कि यह जीवन-यापन के लिए वाजिब कदम है। बता दें कि केंद्र सरकार ने इस विधेयक को विचार के लिए वापस दिल्ली सरकार के पास भेज दिया था।