शाम के सदर (राष्ट्रपति ) बशारुल असद ने अमरीका पर इल्ज़ाम आइद किया है कि वो शाम में सरगर्म गिरोहों को सयासी तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम कर के उन के मुल्क को ग़ैर मुस्तहकम करने की कोशिशें कर रहा है। जर्मन टी वी को दिए गए एक इंटरव्यू में शामी सदर (राष्ट्रपति ) का कहना था कि वो इक़तिदार से अलैहदगी या मुल्क छोड़ने का कोई इरादा नहीं रखते।
बशारुल असद ने कहा कि इस वक़्त उन के मुल्क को एक क़ौमी चैलेंज दरपेश है और एक सदर (राष्ट्रपति ) को किसी चैलेंज का मुक़ाबला करने से डरना नहीं चाहिए। उन्हों ने सऊदी अरब और क़तर पर शाम में दहश्तगरदों को असलहा फ़राहम करने का इल्ज़ाम भी लगाया। इन का ये भी कहना था कि तुर्की दहश्तगरदों को माद्दी(माली) इमदाद दे रहा है।
इस सवाल पर कि आया उन के ख़्याल में अमरीका शामी शहरीयों की हलाकत का किसी हद तक ज़िम्मेदार है शामी सदर (राष्ट्रपति ) ने कहा कि यक़ीनन ऐसा ही है। इन का कहना था कि जब तक अमरीका किसी तरीक़े से दहश्तगरदों की मदद करता रहेगा वो इन का साथी समझा जाएगा। ।इस हवाले से मैं शाम की मुसल्लह(हथियार बंद ) हिज़ब-ए-इख़्तलाफ़ के साथ बातचीत करूंगा ।
शामी वज़ारत-ए-ख़ारजा के तर्जुमान जिहाद मुक़द्दसी ने भी इस बात की तसदीक़(पुष्टि) की है कि कूफ़ी अन्नान और सदर (राष्ट्रपति ) बशारुल असद के दरमयान तामीरी बातचीत हुई है।