पेरिस: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के जहरीले बयान ने दुनिया को अंधकार में डाल दिया है. एमनेस्टी के अनुसार ट्रम्प के इस रवैये से विश्व राजनीति में विभाजन के रुझान में बढ़ोतरी हुई है.
न्यूज़ एजेंसी रोइटरज़ के रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस की राजधानी पेरिस में मानव अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि पिछले साल नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी राजनीतिक चुनाव प्रचार के दौरान जो जहरीले बयान दिए, वे दुनिया को और भी अन्धकारमय बना देने के साथ साथ वैश्विक बटवारा पसंदी की राजनीति की प्रवृत्ति में वृद्धि का कारण भी बना.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दुनिया के 159 देशों की स्थिति को कवर करने वाली अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले साल मानव गरिमा और समानता के सिद्धांतों को ऐसे नेताओं से गंभीर हमलों का सामना करना पड़ा, जो ऐसा करते हुए अपनि जीत को सुनिश्चित करना चाहते थे. एमनेस्टी ने अपनी इस रिपोर्ट में कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प की भावनात्मक और भड़काऊ बयानबाजी को विशेष रूप से अपना विषय बनाया,जो इस साल बीस जनवरी से चार साल के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का पद भी संभाल चुके हैं. ट्रम्प के इन्हीं जहरीले बयान के परिणामस्वरूप दुनिया आज पहले की तुलना में ज्यादा अंधेरा और अस्थिर हो चुकी है. इसका उदाहरण पूरे यूरोप और अमेरिका में आप्रवासियों और शरणार्थियों को निशाना बनाकर किए जाने वाले वह घृणित बयान भी हैं, जो पिछले साल की तुलना में आज स्पष्ट रूप से अधिक हो चुके हैं. प्रारंभिक संकेत यही बताते हैं कि अमेरिका के अगले विदेश नीति बहुपक्षीय सहयोग को पीछे डालते हुए एक ऐसे नए युग की शुरुआत का कारण होगा, जिस से अस्थिरता और भी अधिक हो जाएगा और विभिन्न देशों में एक दूसरे को संदेह की दृष्टि से देखा जाएगा.