क्या स्मार्टफोन लोगों को बिमार बना रहा है?

क्या स्मार्टफोन लोगों को बिमार बना रहा है?

अपने स्मार्टफोन को हम सभी लगातार इस्तेमाल करते हैं। इससे हमारी आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस बात को कई लोग नजरअंदाज भी कर देते हैं।

इसका एक कारण यह भी है कि हमारी लाइफस्टाइल और काम हमें स्मार्टफोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को छोड़ने की अनुमति नहीं देते हैं।

Toledo की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च में सामने आया है, कि स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस पर लगातार काफी समय तक काम करने के चलते जब तक व्यक्ति 50 की उम्र तक अपनी देखने की शक्ति खो सकता है। जिस कारण यूजर को आंख की बीमारी होने की भी ज्यादा संभावनाएं हैं।

ब्लू लाइट आंख के रेटिना में ऑप्टिकल कैमिस्ट्री रिसर्च के अनुसार, महत्वपूर्ण अणुओं को सेल किर्ल्स में बदल देता है। इससे आंखों पर गहरा असर पड़ता है।

स्टडी में यह दावा किया गया है कि लगातार ब्लू लाइट में काम करने से आंखों की बीमारी हो सकती है। या 50 की उम्र तक देखने की शक्ति कोई व्यक्ति खो सकता है।

न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, अन्य डिवाइसेज की स्क्रीन अंधेरे में स्मार्टफोन समेत नहीं देखनी चाहिए। अगर आप चश्मा लगाते हैं तो आपको हाई-क्वालिटी लेंस को चुनना चाहिए जो ब्लू लाइट और यूवी फिल्टर के साथ आते हैं।

ऑप्टिकल कैमिस्ट्री रिसर्च के अनुसार, ब्लू लाइट आंख के रेटिना में महत्वपूर्ण अणुओं को सेल किर्ल्स में बदल देता है. इससे आंखों पर गहरा असर पड़ता है। स्टडी में यह दावा किया गया है कि लगातार ब्लू लाइट में काम करने से आंखों की बिमारी हो सकती है. 50 की उम्र तक व्यक्ति देखने की शक्ति खो सकता है।

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