लखनऊ। सपा के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने विधानसभा चुनाव में सपा को जीत दिलाने का एक नया फार्मूला दिया है। हालाँकि उनकी पार्टी की ओर से इसके प्रति कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई है, पर उन्हेंबलगता है कि जीत का यह नया गुरुमंत्र आजमाया गया तो सपा को दोबारा सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता। उनकी सलाह है इस बार पार्टी को यादव-ठाकुर समीकरण अपनाना चाहिए।
उन्होंने सपा मुखिया को जातिवाद के आरोप से मुक्त करते हुए कहा कि ऐसा होता तो उनकी तीन बहुएं ठाकुर जाति से नहीं होतीं। शिवपाल यादव की बहू राजपूत हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल भी ठाकुर हैं। उन्होंने ठाकुर-यादव समीकरण को जातिवाद से प्रेरित होने से इंकार किया। उनका मानना है कि चुनाव जीतने को नए-नाए फार्मूले अपनाए जाते हैं। उनमें एक यह भी है।
अभी मुस्लिम-यादव समीकरण को सपा की जीत का मूलमंत्र माना जाता है। मगर इस बार के चुनाव में तमाम पार्टियां नए समीकरण बनाने के साथ मुसलमानों को अपने पाले में लेन में लगी हैं। इसमें भाजपा भी पीछे नहीं है। इस लिए अमर सिंह को लगता है कि यादव-ठाकुर समीकरण सपा की जीत का रास्ता हमवार करेगा। उन्होंने कहा कि ठाकुर एक मजबूत वोट बैंक है। उसे जब यादव को बेटी देने में ऐतराज़ नहीं तो वोट देने में भी कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वह खुद यादव महा सम्मेलनों में जाते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 9 फीसदी ठाकुर हैं।
अमर ने कहा कि सपा में सभी जातियों और धर्मो के लोग हैं। सभी को एक सामान सम्मान मिलता है। मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव भी क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में जाते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों के लिए धर्म व्यापार और राजनीति होगा, हमारे लिए धर्म आस्था का विषय है. हम हिंदू हैं, पर उसकी राजनीति नहीं करते।
यूपी से मलिक असग़र हाश्मी