दार उस्सलाम के करीब दिन धाड़े क़तल हमला आवर टोली ख़ुद सपुर्द?

हैदराबाद 08 फ़बरोरी :शहर में गुंडा राज की तारीख आज एक बार फिर दुहराई गई और दिन धाड़े मसरूफ़ तरीन मुक़ाम पर सड़क के बीचों बीच एक शख़्स का बे रहमाना अंदाज़ से क़तल करदिया गया। क़ातिलों की इस हरकत ने शहर में पुलिस की मौजूदगी पर सवालिया निशान लगा दिया है और टास्क फ़ोर्स की कार्रवाई को चैलेंज करने के बराबर इक़दाम किया है ? ।

बताया जाता है कि आज दिन धाड़े दार उस्सलाम रोड पर एक 30 साला शख़्स अब्बू अली ख़ां का नामालूम अफ़राद ने क़तल करदिया और क़तल के फ़ौरी बाद 15 ता 18 अफ़राद पर मुश्तमिल टोली ने टास्क फ़ोर्स में ख़ुदसपुर्दगी इख़तियार करली। ताहम किसी भी पुलिस ज़राए ने इस बात की तौसीक़ नहीं की ।

बावसूक़ ज़राए के मुताबिक़ मोहलिक हथियारों से लैस तकरीबन 15 ता 18 अफ़राद की टोली अब्बू अली ख़ां की मोटर सैक़ल पर टूट पड़ी उस वक़्त रूडी शेटर हुसैनी अलम अब्बू अली ख़ां के हमराह उन के साथी अबदुल्लाह , सरफ़राज़ और फीरोज़ मौजूद थे जो हमले से बच कर फ़रार होने में कामयाब होगए ।

बताया जाता है कि क़तल की इतेला के साथ ही डी सी पी वेस्ट ज़ोन सिरीधर बाबू ए सी पी गोशा महल डी सिसिनिवास और दीगर आला ओहदेदार जाये मुक़ाम पहूंच गए और क़तल के मुक़ाम का मुआइना किया । ताहम एक तरफ़ ओहदेदार तहकीकात में मसरूफ़ थे तो दूसरी तरफ़ क़ातिल ख़ुदसपुर्दगी की कोशिशों में मसरूफ़ थे और बिलआख़िर क़ातिलों की कोशिशें ही कामयाब रहें और 15 ता 18 अफ़राद पर मुश्तमिल टोली ने टास्क फ़ोर्स की ऑफ़िस में ख़ुदसपुर्दगी इख़तियार करली ।

ताहम टास्क फ़ोर्स के किसी भी ओहदेदार ने इस बात की तौसीक़ नहीं की और ख़ुद सुपुर्दगी को बे बुनियाद क़रार दिया । बताया जाता हैके अब्बू अली ख़ां का क़तल जो इंतिहाई बे रहमाना अंदाज़ में किया गया और एक ख़ंजर को अब्बू अली ख़ां के पेठ में ही छोड़ दिया गया । क़ातिलों की इस टोली ने अब्बू अली ख़ां के दम तोड़ने तक मुक़ाम पर नंगा नाच किया और फिर फ़ौरी फ़रार होने में कामयाब होगए । अब्बू अली ख़ां पेशे से ऑटो ड्राईवर था और वो आज नामपली अदालत में पेशी के बाद वापिस होरहा था और इस के साथी पेशी के लिए गए थे । अब्बू अली ख़ां हुसैनी अलम पुलिस स्टेशन का रूडी शेटर था और हुसैनी अलम में रहता था । वो अपने दीगर तीन साथियों के हमराह दो मोटर सैक़लों पर वापिस होरहा था कि हमीद कैफे आग़ा पूरा नाले के दरमियान इस का क़तल करदिया गया । अब्बू अली ख़ां के क़तल की इतेला इस के साथी अबदुल्लाह ने इस के बड़े भाई हैदर को दी। अब्बू अली ख़ां की रूडी शीट साल 2007 में खोली गई थी और वो तकरीबन 25 ता 30 मुक़द्दमात में मुलव्वस बताया गया है जिस में क़तल , इक़दाम-ए-क़तल , डकैती , रहज़नी , चोरी और दीगर जराइम शामिल हैं।

बावसूक़ ज़राए के मुताबिक़ अब्बू अली ख़ां की दुश्मनी शहर के एक जराइमपेशा टोली से थी और उन के दरमियान काफ़ी तनाव‌ पाया जाता था और ये टोलियां आपस में एक दूसरे के फ़िराक़ में थीं । ज़राए के मुताबिक़ अब्बू अली ख़ां मुहसिन टोली का रुकन था और इस टोली को वो चला रहा था। इस क़तल को जराइम की दुनिया में सबक़त और गिरोह वारी तसादुम से ताबीर किया जा रहा है और साथ ही टास्क फ़ोर्स की कारकर्दगी पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। शहर में दिन धाड़े पेश आई इस क़तल की संगीन वारदात ने आम शहरियों की सलामती के ताल्लुक़ से परेशानी में डाल दिया है । पुलिस हबीब नगर ने क़तल का मुक़द्दमा दर्ज करते हुए तहकीकात का आग़ाज़ करदिया है