प्रणब और संगमा को हिमायत मुल़्क की अवाम से बेवफ़ाई के मुतरादिफ़(बराबर‌)

इस्टेट जनरल सैक्रेटरी इंसाफ़ कामरेड नुसरत मुही अलाद्दीन का बयान
कामरेड नुसरत मुही अलाद्दीन इस्टेट जनरल सैक्रेटरी इंसाफ़ ने अपने सहाफ़ती बयान में कहा कि 19 जुलाई को होने वाले सदर जमहूरीया के इंतिख़ाबात को लेकर मर्कज़ी कोंग्रेस क़ियादत वाली यू पी ए हुकूमत और एन डी ए में ख़लफ़िशार मचा हुआ है और दोनों ही पार्टियों में खींचातानी ज़ोरों पर है ।

उन्हों ने बताया कि इस ओहदे पर एक सेक्युलर मिज़ाज और दस्तूर हिंद की निगरानी करने वाले उम्मीदवार की नामज़दगी को लेकर ऑल पार्टीज़ में क़ौमी इत्तिफ़ाक़ नहीं होसका जिस का नतीजा ये है कि इस चुनाव के लिये यू पी ए हुकूमत ने वज़ीर मालियात प्रणब मुकर्जी को अपना उम्मीदवार बनाया जब कि एन डी ए ने नेशनल कोंग्रेस पार्टी से बग़ावत करते हुए मुस्ताफ़ी होने वाले संगमा को अपनी भरपूर ताईद हिमायत का ऐलान किया ।

दोनों ही पार्टियां इस मुल्क में अपने सयासी और ज़ाती फ़ायदे‍ और‌ मक़ासिद के लिये अमीर-ओ-गरीब के दरमियान ख़लीज बढ़ाने का काम कररही है जिस से मलिक का वक़ार दुनिया के सामने मजरूह होरहा है । दोनों ही पार्टियां इस मुल्क में करप्शन और महंगाई को बढ़ावा देने की पॉलीसी पर अमल पैरा हैं । इतना ही नहीं प्रणब मुकर्जी के दौरे इक्तदार में ही इसराईली तंज़ीम मोसाद के दाख़िले की इजाज़त दी गई । इस तरह अमरीकी नवाज़ शख्सियतों की सी पी आई पार्टी किसी कीमत पर हिमायत नहीं करसकती और आर एस पी में सी पी आई के मौक़ूफ़ की भरपूर हिमायत का ऐलान किया ।।