फिर खराब हो सकती है दिल्ली की हवा, रविवार से धूल भरी आंधी के आसार

फिर खराब हो सकती है दिल्ली की हवा, रविवार से धूल भरी आंधी के आसार

दिल्ली में मौसम का मिजाज फिर तेज हवाओं के चलते बिगड़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को दिल्ली में तेज गति से हवाएं चल सकती हैं। इससे वातावरण में एक बार फिर धूल कणों की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे प्रदूषण बढ़ सकता है।

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को दिल्ली में 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं का रुख पंजाब और हरियाणा की ओर से दिल्ली की तरफ है। इससे वातावरण में धूल कणों की मात्रा बढ़ सकती है और लोगों को पिछले हफ्ते की तरह परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को अधिकतम तापमान  42 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।

जलवायु में आए बदलावों के कारण देश में गर्मी का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। अब मार्च महीने में ही गर्म हवाएं (लू) चलने लगी हैं। जबकि कठोर गर्म हवाएं (सीवियर हीटवेब) चलने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों में मार्च के महीने में गर्म हवाएं दर्ज की गई।

जलवायु परिवर्तन पर कार्य कर रहे संगठन ‘क्लाईमेट ट्रेंड’ ने मौसम विभाग के आंकड़ों को लेकर एक अध्ययन रिपोर्ट जारी की है, जो चौंकाने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा राजस्थान में 2017 में मार्च में गर्म हवाएं चलीं। जबकि अप्रैल से गर्म हवाएं चलनी शुरू होती हैं।  रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्म हवाएं पहले सौ साल में एक बार चलती थीं। लेकिन अब इनके चलने की घटनाएं दस साल में एक बार होने लगी हैं। इसी प्रकार देश में 2002 से 2016 के बीच में छह हजार लोगों की गर्म हवाओं और भीषण गर्म हवाओं के चलते मौत हो गई। तमाम आकलन यह बता रहे हैं कि आने वाले समय में गर्म हवाओं का प्रकोप और बढ़ेगा। क्योंकि कार्बन उत्सर्जन में बढ़ोतरी हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों ने दावा किया कि लू के दिनों की संख्या बढ़ रही है। पिछले पचास सालों में लू वाले दिनों की संख्या बढ़ रही है। 1961-70 के दशक में करीब 500 दिन ऐसे थे जब लू चली हो, लेकिन 2001-10 के बीच में ऐसे दिनों की संख्या 700 के करीब पहुंच गई।  वहीं, तापमान बढ़ने से देश को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है। 2030 तक इससे 450 अरब डॉलर की श्रम की क्षति होगी। अनाज के उत्पादन की क्षति 2050 तक 208 अरब डॉलर की होने का अनुमान है।

चौंकाने वाले बदलाव-
– मई में दिल्ली में तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया जो सर्वाधिक है। मौसम विभाग को आशंका है कि कुछ राज्यों में यह 48 डिग्री तक पहुंच सकता है।
– अक्तूबर 17 से मार्च 2018 में मध्य प्रदेश के 18 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया। क्योंकि वहां बारिश नहीं हुई और गर्मी ज्यादा पड़ रही थी।
– मुंबई में इस साल सबसे गर्म मार्च था। वहां मार्च में अधिकतम पारा 41 डिग्री तक जा पहुंचा।
– राजस्थान में अप्रैल में लू चली, महाराष्ट्र में मार्च में लू का प्रकोप दिखा।
– दिल्ली में मार्च में पालम क्षेत्र में तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से छह डिग्री ज्यादा था।

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