नई दिल्ली ०५ दिसम्बर: ( पी टी आई) मुल्क भर में बाबरी मस्जिद शहादत की 6 दिसम्बर को 19 वीं बरसी मनाई जाएगी , उसी दिन यौम आशूरा भी है । इस ख़सूस में स्कियोरटी के सख़्त इंतिज़ामात किए गए हैं खासकर एवधया और फ़ैज़ाबाद के जुड़वां शहरों में स्कियोरटी को चौकस कर दिया गया है ।
लखनउ में अज़ा दारान हुसैन के मातमी जलूस और दीगर मजालिस के लिए भी स्कियोरटी इंतिज़ामात किए गए हैं । 10 मुहर्रम-उल-हराम के साथ 6 दिसमबर बाबरी मस्जिद की शहादत का भी दिन है । जिस को सारे हिंदूस्तान के मुस्लमान योम-ए-स्याह के तौर पर मनाते हैं ।
अयॊध्या मैं सीनीयर सुप्रिटेन्डॆंट् पुलिस आर के चतुर्वेदी ने कहा कि फ़िर्कावाराना हम आहंगी की बरक़रारी और अमन के लिए दोनों फ़िरक़ों के अफ़राद से पुलिस के आला ओहदेदार रब्त रखे हुए हैं । डीवीजनल कमिशनर मधु सुधन और डी आई जी आनंद सरूप के बिशमोल सीनीयर ओहदेदार ने इजलास में स्कियोरटी इंतिज़ामात का जायज़ा लिया ।
दिल्ली , मुंबई , कोलकता के इलावा दीगर शहरों में बाबरी मस्जिद यौम शहादत के इलावा यौम आशूरा के मौक़ा पर ख़ुसूसी इजतिमाआत मुनाक़िद होंगे । मुस्लमानों से अपील की गई है कि वो उस दिन फ़िर्कावाराना हम आहंगी के इलावा अमन की बरक़रारी को यक़ीनी बनाईं जबकि विश्वा हिन्दू परिषद और आर ऐस उसने बाबरी मस्जिद यौम शहादत के दिन यौम शुजाअत मनाने का फ़ैसला किया ।इस के इलावा मुख़्तलिफ़ प्रोग्राम्स भी मुनाक़िद होंगे ।
इस दौरान एजैंसीज़ की इत्तिला में बताया गया है कि मुस्लिम तंज़ीमों ने एवधया मैं /6 डसमबर 1992 को फिर्कापरस्त मुल़्क दुश्मन ताक़तों की जानिब से बाबरी मस्जिद की शहादत के ख़िलाफ़ एहतिजाज करते हुए बाबरी मस्जिद की इसी मुक़ाम पर दुबारा तामीर के लिए क़रारदादें मंज़ूर करने की अपील की है । इलहाबाद हाइकोर्ट के फ़ैसला के बाद मुल्क में ये पहला 6 दिसमबर है जबकि मुस्लमानों ने मस्जिद की इसी मुक़ाम पर दुबारा तामीर का मुतालिबा करते हुए मर्कज़ पर अपने वाअदा को पूरा करने केलिए ज़ोर दिया है ।
ऑल इंडिया बाबरी मस्जिद ऐक्शण कमेटी ने अमन की अपील करते हुए कहा कि 6 दिसमबर को ऐसा कोई प्रोग्राम मुनाक़िद ना किया जाय जिन से अमन-ओ-ज़बत मुतास्सिर होने का अंदेशा हो । ऐक्शण कमेटी के कन्वीनर ज़फ़रयाब जीलानी ने लखनऊ में आज एक ब्यान में कहा कि गुज़श्ता सालों की तरह इस साल भी पुरअमन प्रोग्राम मुनाक़िद करते हुए ज़िला मजिस्ट्रेट के ज़रीया हुकूमत को याददाश्त पेश की जाय । उन्हों ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म को एक याददाश्त रवाना करते हुए बाबरी मस्जिद से मुताल्लिक़ तमाम मुक़द्दमात की आजलाना समाअत का मुतालिबा किया जाएगा ।