पटना 18 जून : नंद किशोर यादव, चंद्रमोहन राय, रामाधार सिंह, प्रेम कुमार, जनार्दन सिंह सीग्रीवाल। वजीर ए आला के अवामी दरबार में दिखनेवाले ये चेहरे थे। इस पीर के दिन ये चेहरे तारीख के पन्नों में दिखे। गुजिस्ता आठ सालों में इस पीर के दिन यह पहला मौका था, जब अवामी दरबार में वजीर ए आला नीतीश कुमार सिर्फ जदयू कोटे के वजरा के साथ लोगों की शिकायतों का निबटारा करने आये थे।
चेहरे पर नहीं थी कोई शिकन
तय वक़्त ठीक 10 बजे जब वजीर ए आला दरबार हॉल में आये, तो उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं था। साबिक़ की तरह ही वे वाकिफ मुस्कान के अंदाज़ से कुरसी पर बैठे और फरियादियों की शिकायतों का निबटारा करना शुरू कर दिया। इतवार की देर रात अवाम दरबार होने की सरकारी इत्तेला की वजह फरियादियों की तादाद कम थी।
कम फरियादियों की वज़ह सुबह 10 बजे से शुरू हुआ अवामी दरबार दिन के 11 बजे ख़त्म हो गया। दरबार में पानी वसायल वजीर विजय कुमार चौधरी, देहि काम वजीर डॉ भीम सिंह, खाने की फ्राहमी वजीर श्याम रजक, जराअत वजीर नरेंद्र सिंह, सनअत और आफ़ात इंतेजामिया वजीर डॉ रेणु कुमारी, देहि तरक्की वजीर नीतीश मिश्र शामिल थे। वजरा की मौजूदगी में वजीर ए आला ने खुद मुताल्लिक महकमों की शिकायतों का अपने सतह से निबटारा किया और जरुरी कार्रवाई के लिए महकमा ओहदेदारों को जरुरी हिदायत दिये।