सदर जमहूरीया प्रणब मुकर्जी कल बेलगाम में 400 करोड़ की लागत से तय्यार करदा दूसरे क़ानूनसाज़ कामपलकस सवार ना विधान सुधा का इफ़्तिताह करेंगे । महाराष्ट्रा में बाअज़ सयासी पार्टियों ने इस इमारत की तामीर पर एतराज़ किया था। इन का कहना है कि कर्नाटक और उन की पड़ोसी रियासत के दरमियान(बीच) सरहदी तनाज़ा चल रहा है।
सवार ना विधान सुधा की तामीर बैंगलौर में वाक़्य रियासती सक्रिय ट्रीट विधान सुधा के ख़ुतूत पर हुई है । इस इमारत की तामीर के ज़रीये बेलगाम से मुताल्लिक़ कर्नाटक के देरीना मौक़िफ़ को मज़बूत बनाना है कि ये इलाक़ा यकसर तौर पर कर्नाटक का हिस्सा है । महाराष्ट्रा के वज़ीर और उन सी पी लीडर छगन भोजबल और शिवसेना अगज़ेकेटेव सदर ओधा ठाकरे ने सदर जमहूरीया से अपील की कि वो सवार ना विधान सुधा का इफ़्तिताह ना करें। ये कर्नाटक । महाराष्ट्रा सरहदी तनाज़ा की अलामत है।