भारत में 49 साल से रह रहे एक शख्स पर अचानक पाकिस्तानी होने का ठप्पा लगा है, जबकि उसके पास भारतीय स्कूल प्रमाण-पत्र के साथ राशन कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड ही नहीं मुंबई के मूल निवासी, यानी डोमिसाइल सब कुछ है.
आसिफ कराड़िया 51 साल के हैं और जब वे दो साल के थे तब से हिंदुस्तान में रह रहे हैं. अब अचानक उन पर पाकिस्तानी होने का ठप्पा लगा है और वापस भेजे जाने का खतरा भी पैदा हो गया है. हालांकि आसिफ कहते हैं ‘कुछ भी हो जाए पाकिस्तान नहीं जाऊंगा. मेरा परिवार, बीबी, बच्चे सब यहां हिंदुस्तान में हैं. 49 साल से मैं कभी पाकिस्तान नहीं गया फिर अभी क्यों जाऊं?’
दरसअल आसिफ के पिता हिंदुस्तानी हैं लेकिन उनकी शादी पाकिस्तान की लड़की से हुई थी. उनके यहां की रवायत के मुताबिक पहली औलाद मायके में होती है, इसलिए 1965 में पत्नी अपने मायके कराची चली गई. आसिफ के जन्म के बाद वे वापस भारत आ गईं, उन्हें हिंदुस्तानी नागरिकता भी मिल गई. लेकिन बेटा पाकिस्तानी में ही रह गया. 70 साल की जैबुनिशा बताती हैं कि जब मुझे भारतीय नागरिकता मिल गई तो बेटा पाकिस्तानी कैसे हुआ?
हैरानी की बात है कि खुद आसिफ ने भी कभी नहीं सोचा कि वह पाकिस्तानी है. वह तो साल 2012 में जब पिता ने हज के लिए उनका पासपोर्ट बनवाने की अर्जी दी तब यह खुलासा हुआ. आसिफ की शादी हो चुकी है, बेटा-बेटी और नातिन भी है. ऐसे में परिवार कह रहा है अब उनको पाकिस्तानी कहना कहां का इंसाफ है. आसिफ की पत्नी शाकिरा आसिफ के मुताबिक ‘उनके ऊपर तो आसमान ही टूट पड़ा है. लेकिन हमने तो हिंदुस्तान का नमक खाया है फिर पाकिस्तानी कैसे हुए?’
पाकिस्तानी होने की बात सामने आने के बाद से ही लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रहे आसिफ के पास अब अदालत से ही उम्मीद है. इसलिए परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है. आसिफ के वकील सुजय कांतावाला के मुताबिक हमारा कानून कहता है जिसके माता-पिता हिंदुस्तानी हैं वह भारतीय नागरिकता का पात्र है. मामला अदालत में है और अगली सुनवाई 9 जनवरी को है. पूरे परिवार की निगाहें अदालत की फैसले पर हैं.