पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने अगले साल 19 जनवरी को विपक्ष की एकता रैली के लिए सभी विपक्षी पार्टियों को न्योता भेजा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लेफ्ट पार्टियों को भी ये न्योता भेजा है।
जानकारी के मुताबिक, कोलकाता में इस रैली का आयोजन किया जाएगा। ममता के इस न्योते को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को स्वीकार कर लिया है।
We've already reduced fuel prices but we have debts to repay. The centre has hiked fuel prices, not us. I support Rahul Gandhi's comment 'the economy is already broken & govt should immediately go': West Bengal CM Mamata Banerjee pic.twitter.com/bgQPIujarr
— ANI (@ANI) October 5, 2018
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन के मामले में मायावती के फैसले पर वह कोई टिप्पणी से इंकार कर दिया था। आपको बता दें कि बीएसपी चीफ मायावती ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि मैं कांग्रेस के बारे मे मायावती के फैसले पर टिप्पणी नहीं कर सकती। हालांकि, मैं कांग्रेस और बीएसपी को 19 जनवरी को होने वाली रैली के लिए बुलाना चाहता हूं।
मैंने केरल के मुख्यमंत्री को भी बुलाया है। उन्होंने कहा कि सीपीएम लगातार मेरे खिलाफ काम करती है, लेकिन मैं उन्हें भी बुलाऊंगी। उन्होंने कहा कि मैं सभी विपक्षी पार्टियों से एक साथ आने की अपील करती हूं।
इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बीजेपी बंगाल में एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। उनकी ये रणनीति बंगाल में काम नहीं करेगी।
आपको बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया था कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से 30 से ज्यादा पर जीत दर्ज करेगी।
इस दौरान उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी सरकार को घेरा उन्होंने कहा कि हम पहले ही तेल के दाम घटा चुके हैं लेकिन हमें कर्ज भी चुकाना है। केंद्र ने तेल की कीमतें बढ़ाई थीं, हमने नहीं।
19 जनवरी 2019 को कोलकाता में होने वाली विपक्ष की एकता रैली के लिए विपक्षी दलों को न्योता भेजा जा चुका है। कांग्रेस और बीएसपी में गठबंधन को लेकर दरार को पाटने और 2019 का लक्ष्य हासिल करने के लिए ये रैली अहम हो सकती है।