मलेरकोटला -पंजाब के मुस्लिम बाहुल्य इस कस्बे में दंगा कराने की साज़िशे की गयी नाकाम

मलेरकोटला -पंजाब के मुस्लिम बाहुल्य इस कस्बे में दंगा कराने की साज़िशे की गयी नाकाम

मलेरकोटला -मलेरकोटला पंजाब का एकलौता मुस्लिम बहुल शहर है लेकिन यहाँ पे सद्भाव सभी धर्मो में ऐसा है कि कभी कोई दंगा तो दूर की बात है तनाव भी नही हुआ है .हिन्दू मुस्लिम सिख समुदाय द्वारा बनायीं गयी जिला शांति कमेटी के मेंबर मोहम्मद जमील रहमान कहते है कुरान को जलाने जैसा घिनौना काम करने वाले हरियाणा के जिन्द और दूसरा पठानकोट से है यहाँ के गैर मुस्लिम भाई हमेशा से मुस्लिम के साथ मिल जुल के रहते रहे है हम लोग बाबा हैदर खान की शिक्षा पे अमल करने वाले लोग है .उनका कहना है कि पंजाब में धार्मिक तनाव बढाने के लियें धार्मिक ग्रंथो को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जलाया गया लेकिन भाईचारे में विश्वास करने वाले मलेरकोटला ने सद्भाव नही बिगड़ा .

जो धर्म बाटें वो धर्म है ही कहा वो तो अपमान है
यहाँ के मशहूर कव्वाल घराने के दस वी पीढी के कव्वाल मोहम्मद जावेद इरशाद कहते है कि जो धर्म बाटें वो धर्म है ही कहा वो तो अपमान है

1947 से हैंडीक्राफ्ट की दूकान चला रहे धरम चन्द अपने बारे में बताते है कैसा यहाँ के मुस्लिमो ने देश के विभाजन करने वाले दंगे से उनको बचाया उनका कहना है उनके यहाँ दस मुस्लिम कारीगर काम करते है उनका कारोबार बिना मुस्लिम के नहीं चल सकता है मेरे मन में मुसलमानों के लियें कभी बुरा नही आया .

वो कहते है मंदिर में बैठे भगवान् हमारे घर के बच्चो का पालन पोषण नही कर सकते है उनका कहना है यहाँ के मुस्लिम और गैर मुस्लिम एक दुसरे का पर्व में शरीक होते है और एक दुसरे की मदद भी करते है मुझे इस बात पे फक्र है कि मलेरकोटला राजनैतिक दलो द्वारा सद्भाव भंग करने की साजिशो को नाकाम करता रहेगा जैसा पहले भी हमारा क़स्बा कर चूका है

Top Stories