बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी में जुमा को तालिबे इल्म के गुटों की झड़प की आग कलेक्ट्रेट तक पहुंच गई। लाठी-डंडे व हॉकी स्टिक से लैश सौ के करीब फसादी तालिबे इल्म ने यहां हमला बोल दिया। समाहरणालय परिसर में भारी तोडफ़ोड़ मचाई। पास के पार्क को भी पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। करीब आधे घंटे तक यह अहाते में फसादियों के हवाले रहा। तालिबे इल्म के गुस्से को देख मजिस्ट्रेट व पुलिस अफसर भाग खड़े हुए।
इत्तिला मिलने पर फोर्स के साथ एसएससी रंजीत कुमार मिश्रा के वहां पहुंचने पर भी वे नहीं रुके। एसएसपी उन्हें कुछ समझाते तबतक उन्होंने पुलिस पर भी हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। गुस्साये लड़कों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। जान बचाते हुए तालिबे इल्म वहां से भाग निकले। कलेक्ट्रेट अहाते से डीएम रिहाइशगाह मोड़ तक पैदल एसएसपी ने फ्लैग मार्च कर तालिबे इल्म की खोज की। मामले में दो तालिबे इल्म को हिरासत में लिया गया है। बताया जाता है कि यूनिवर्सिटी के ठक्कर बप्पा हॉस्टल के कुछ तालिबे इल्म पीजी में दाखिले के लिए फॉर्म लाने गये थे। वहां पहले से मौजूद पीजी के तालिबे इल्म से उनकी किसी बात पर झड़प हो गई। ठक्कर बप्पा हॉस्टल के तालिबे इल्म का कहना है कि जबरन चंदे की मांग भी की जा रही थी। इसी को लेकर तनाज़ा हुआ। इस तनाजे के बाद पीजी व ड्यूक हॉस्टल और ठक्कर बप्पा हॉस्टल के तालिबे इल्म गोलबंद होने लगे। दोपहर में दोनों तरफ से जमकर मारपीट हुई। फायरिंग भी की गई। इसमें तकरीबन आधे दर्जन तालिबे इल्म जख्मी हो गए। गुस्साये तालिबे इल्म ने यूनिवर्सिटी में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। तालिबे इल्म का हुजूम कलमबाग चौक, स्टेशन रोड, अस्पताल रोड की दुकानों को बंद कराते हुए कलेक्ट्रेट अहाते पहुंचा और हमला कर दिया।