इंसेफ्लाइटिस ने पटना जिले में भी पांव पसार दिया है। यहां के एक बच्चे की मौत हो चुकी है और दो बच्चे पीएमसीएच में भर्ती हैं। वहीं मुजफ्फरपुर में इंसेफ्लाइटिस का कहर जारी है। पीर को और सात बच्चों की मौत हो गई।
मुजफ्फरपुर में मरने वाले बच्चों की कुल तादाद 42 पहुंच गई है। इधर, पीएमसीएच के चाइल्ड डिपार्टमेन्ट में एक जून से नौ जून तक रियासत के मुखतलिफ़ जिलों के 13 बच्चे इंसेफ्लाइटिस से बीमार होकर भर्ती हुए। इनमें चार की मौत हो गई और बाकी का इलाज चल रहा है। मरने वाले बच्चे पटना, भोजपुर, नवादा और भागलपुर के थे।
सनीचर और इतवार को चार बच्चे भर्ती हुए। इनमें भोजपुर, जहानाबाद के एक-एक और पटना के दो बच्चे शामिल हैं। जबकि, मुजफ्फरपुर में दस नए बच्चे भर्ती हुए हैं। पीर को केजरीवाल अस्पताल में तीन और एसकेएमसीएच में चार बच्चे काल के गाल में समा गए।
आंगनबाड़ी खिदमत गुज़ार के कंधों पर बेदारी मुहिम का भार
मुजफ्फरपुर इंतेजामिया ने इंसेफ्लाइटिस से बचाव के लिए बेदारी मुहिम फैलाने का भार आंगनबाड़ी खिदमत गुज़ार और आशा को सौंपा है। खिदमत गुज़ार खातून और आशा घर-घर जाकर ओआरएस का पैकेट व बचाव के उपाय लिखे हुए पंपलेट पहुंचाएंगी। तक़सीम की रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी। जिला अफसर इसकी जांच करेंगे। जिला अफसर ने बताया कि इंसेफ्लाइटिस से बचाव के लिए बेदारी मुहिम जरूरी है। जानकारी नहीं होने से यह बीमारी बढ़ रही है। इसके लिए इब्तेदाई इलाज़ से मुतल्लिक़ उपाय लिखे आठ लाख पंपलेट व हर खानदान को ओआरएस का एक-एक पैकेट दिया जाएगा।