नई दिल्ली, ०३ फरवरी (प्रेस नोट) मुल़्क की मुस्लिम जमातों और सरकरदा रहनमाओं ने तमाम मुस्लमान-ए-हिंद से अपील की है कि 3 फरवरी को नमाज़ जुमा के मौक़ा पर मुल्क शाम में अमन-ओ-अमान के क़ियाम के लिए ख़ुसूसी दुआ करें।
2 फरवरी को एक मुशतर्का बयान में इन रहनमाओं ने शाम की सूरत-ए-हाल पर गहिरी तशवीश का इज़हार किया और उसे अमरीका और मग़रिबी कुव्वतों की रेशा दिवानियों का नतीजा क़रार दिया ।
बयान में कहा गया है कि शाम की मुतलक़ उल-अनान हुकूमत अरसा-ए-दराज़ से अपने अवाम पर ज़ुल्म ढह रही है, उन्हें इंसानी हुक़ूक़ नीज़ शहरी आज़ादियों से महरूम कर दिया गया है और सूरत-ए-हाल में मुसबत तबदीली के लिए आवाज़ उठाने वालों को खासतौर से निशाना बनाया जा रहा है ।
एक साल क़ब्ल पूरे आलम के बाज़ मुल्कों में अवामी बेदारी की जो लहर उठी थी इस ने शाम के मज़लूम अवाम के अंदर भी तहरीक और जुर्रत पैदा की थी लेकिन शाम के फ़ौजी हुकमरानों ने उसे ताक़त के ज़ोर पर कुचलना शुरू कर दिया , बड़ी तादाद में लोग जांबाहक़ हुए और ये सिलसिला आज भी जारी है।
इस सिलसिला में अरब लीग और दूसरे अरब ग्रुपों को आला कार बनाया जा रहा है।