लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश में जुटी एमपी असदउद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने उसे इलाहाबाद में आवामी इजलास करने की इज़ाज़त रद्द किए जाने के एहतिजाज में आइंदा 22 मार्च को लखनऊ में एहतिजाजी मुज़ाहिरा करने का ऐलान किया है .
एमआईएम के रियासती को आर्डिनेटर शौकत अली ने बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुसलमानों के सियासी, सामाजी और तालीम के पिछड़ेपन के मुद्दे पर आइंदा 15 मार्च को इलाहाबाद में एक आवामी इजलास मुनाकिद करने वाली थी.
इंतेज़ामिया ने चार मार्च को इसकी इजाजत भी दे दी थी लेकिन 11 मार्च को उसने बोर्ड और युनिवर्सिटी के इम्तेहानात और कुछ तंज़ीमो के ऐतराज का हवाला देते हुए इस इज़ाज़त को खारिज कर दिया.
उन्होंने इंतेज़ामिया के इस कदम के लिये समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि एमआईएम की बढ़ती सरगर्मी से डरी सपा मुसलमानों को सिर्फ अपना वोट बैंक बनाकर रखना चाहती है.
अली ने कहा कि इंतेज़ामिया के इस कदम के एहतिजाज में एमआईएम कारकुन आइंदा 22 मार्च को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में एक रोज़ा धरना का मुज़ाहिरा और अनशन करेंगे.
उन्होंने कहा कि आइंदा 29 मार्च को उनकी पार्टी आगरा में ऐसी ही आवामी इजलास मुनाकिद करेगी. इंतेज़ामिया उसकी इजाजत दे चुका है.
गौरतलब है कि एमआईएम उत्तर प्रदेश में अपनी आवामी हिमायत बढ़ाने की कोशिश कर रही है. उसके लीडर असदउद्दीन ओवैसी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत आजमगढ़ के संजरपुर गांव को गोद लेने का ऐलान किया था . हालांकि अभी उस पर अमल नहीं हो सका है |