मुस्लिमों ने कन्फ्यूजन के चलते कांग्रेस को दिए वोट- केजरीवाल के मंत्री

मुस्लिमों ने कन्फ्यूजन के चलते कांग्रेस को दिए वोट- केजरीवाल के मंत्री
HAPUR, FEB 11 :- Veiled women wait to get their voting slip from an officer at a polling station during the state assembly election in Hapur, in the central state of Uttar Pradesh, India, February 11, 2017. REUTERS-24R

दिल्ली में हुए लोकसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोटरों को  लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मतदान के दौरान मुस्लिम वोटरों के कन्फ्यूड होने की बात कही है। उनका मानना है कि मुस्लिम वोटर ने कन्फ्यूजन में वोट डाला, जिसके चलते कुछ वोटर कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हुआ।

राजेंद्र पाल गौतम का मानना है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की सभी सातों सीटों पर चुनाव जीत रही थी। लेकिन कुछ मुस्लिम वोटर कन्फ्यूज होकर कांग्रेस के पाले में चले गए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि मतदान से 2 रात पहले गरीब वोटरों को पैसे बांटे गए हैं। जिसके चलते भी वोट ट्रांसफर हुए हैं। बता दें कि राजेन्द्र पाल गौतम उत्तरी-पूर्वी दिल्ली की सीमापुरी विधानसभा से विधायक भी हैं।

बता दें कि दिल्ली में 12 मई को सभी सातों सीटों पर मतदान हुआ था। जिसमें कुल 60.52 फीसदी मतदान किया गया। इसके अलावा दिल्ली की सभी लोकसभा सीटों में उत्तरी पूर्वी दिल्ली की लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा 63.39 फीसदी  मतदान हुआ है। बताया जा रहा है कि इस लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी है। यहां करीब 23 फीसदी मुस्लिम है।

वोटिंग से पहले कांग्रेस-AAP में गठबंधन की लंबी कवायद के बाद में दिल्ली के रण में दोनों पार्टियों को प्रतिद्वंद्वी के तौर पर ही उतरना पड़ा। देखते-देखते वह दिन भी आ गया जब जनता अपने पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में बटन दबाया। लंबे चुना प्रचार के बाद भी अभी तक यह रहस्य बना हुआ है कि मुस्लिम मतदाता ने किस पार्टी को समर्थन दिया है।

 

आप और कांग्रेस ने सातों सीटों पर इन मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए पूरी मेहनत की है। एक बात तय है यदि दोनों दलों के बीच मुस्लिम मतों का विभाजन हुआ तो उसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।

दिल्ली की राजनीति के जानकारों की मानें तो दिल्ली में चांदनी चौक, पूर्वी दिल्ली और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में कई मुस्लिम बहुल इलाके हैं, जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लाखों में हैं।

गत 15 साल के दौरान जब तक दिल्ली में शीला दीक्षित की सरकार रही तो इन इलाकों में कांग्रेस का कब्जा था लेकिन 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव में इन इलाकों में एकदम बदलाव आ गया और अधिकांश मुस्लिम बहुल इलाकों में आम आदमी पार्टी ने विजय हासिल की थी।

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