नरेंद्र मोदी को बनावटी शख्सियत करार देते हुए अक्लियती मामलों के वज़ीर के रहमान खान ने कहा है कि मोदी का पीएम बनना मुल्क की जम्हूरियत के लिए खतरनाक होगा | खान ने कहा कि बीजेपी की मजबूरी है कि RSS की कट्टर शबी वाले चेहरे को पेश करे | मोदी सिर्फ कांग्रेस को गालियां देते हैं और तंकीद करते हैं | मुजफ्फरनगर दंगे को हिंदुस्तान की जम्हूरियत पर धब्बा करार देते हुए मरकज़ी वज़ीर ने इस मामले में उत्तर प्रदेश की हुकूमत को पूरी तरह से नाकाम बताया |
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गाली देने और तंकीद करने के इलावा मोदी के पास लोगों को बताने के लिए कुछ भी नहीं है रहमान ने कहा कि मोदी कभी भी मुल्क के पीएम नहीं बन पायेंगे | लोगों के मुफाद में नहीं है कि वे पीएम बनें | वह तानाशाह हो जायेंगे, जो हिन्दुस्तान के जम्हूरियत के लिए खतरा होगा |
रहमान खान ने कहा कि मोदी एक बनावती शख्स हैं वह स्टेज पर आने और अपने आप को कामयाब सीएम , कामयाब लीडर और हिन्दुस्तान का मुस्तकबिल बदलने वाले शख्स के तौर पर पेश करने की कोशिश करते हैं और इस हवाले में गुजरात का ज़िक्र करते हैं जबकि गुजरात की तरक्की में मोदी का कोई रोल नहीं है उन्होंने कहा कि मोदी की तश्हीर पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च हो रहा है, जबकि हालात उलटा है मोदी के पीएम बनने के इम्कान के बारे में पूछे जाने पर खान ने कहा कि वह न के बराबर (मोदी के पीएम बनने की) देखते हैं |
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगों के बारे में रहमान खान ने कहा कि जो हालात यहां दंगा और इसके बाद पेश आए, उसकी जितनी सख्ती से तंकीद की जाए, यह कम है. उन्होंने कहा कि यहां जो दंगे हुए, इसके बाद बड़ी तादाद में लोग घर और कारोबार छोड़कर भागने को मजबूर हुए | तकरीबन 50 हजार लोगों को कैम्पो मे पनाह लेना पड़ा | इस मामले में उत्तर प्रदेश की हुकूमत पूरी तरह से नाकाम हो गई. दंगों में शामिल लोगों के साथ सख्ती नहीं की गई. खान ने कहा कि बीजेपी ने हद कर दी, जिनके उपर इल्जाम हैं, उन्हें मोदी के इजलास में एज़ाज़ दिया गया |
रहमान खान ने कहा कि 2002 के दंगों के बाद यह (मुजफ्फरनगर दंगा) सबसे शर्मनाक साबित हुआ यह पूछे जाने पर इस मामले में उनकी वज़ारत ने क्या पहल की, खान ने कहा कि मैंने खुद इलाके का दौरा किया और एक पैकेज का ऐलान किया इसके तहत मुतास्सिर लोगों के लिए उत्तर प्रदेश की हुकूमत से जमीन की पहचान करने और इंदिरा आवास योजना के तहत इन्हें घर अलाट करने, नौजवानों के लिए तरक्की के प्रोग्राम चलाने, जिनके कारोबार उजड़ गए हो, उनको बिना सूद कर्ज़ फराहम करने, तालीम के लिए स्कालरशिप्स फराहम करने जैसे पहल शामिल है |