योगेंद्र यादव की अपील, इस बार गुडगाँव में बीजेपी के खिलाफ वोट दें

योगेंद्र यादव की अपील, इस बार गुडगाँव में बीजेपी के खिलाफ वोट दें

नयी दिल्ली : स्वराज इंडिया ने दिल्ली की वोटरों से आमजन के मुद्दों पर बात न कर रहे दिल्ली की तीनों पार्टियों को नकारने की अपील की है। राष्ट्रव्यापी मुहिम “देश मेरा, वोट मेरा, मुद्दा मेरा” चला रहे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में दिल्ली की जनता के पास चुनने लायक कुछ नही है। इसलिए स्वराज इंडिया के कार्यकर्ता दिल्ली में मुहिम चलाएंगे कि इन लोकसभा चुनावों में बेहतर विकल्प की कमी के कारण नोटा का बटन दबाएं। उन्होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए स्वराज इंडिया ने तय किया है कि वह इस चुनाव में कुर्सी पर बैठने की दौड़ में शामिल होने की बजाय दरी बिछाने का काम करेगी और चुनाव मैं किसान और नौजवानों के असली मुद्दे उठाने की भूमिका निभाएगी।

एक तरफ कई महत्वपूर्ण सवाल दिल्ली की जनता के सामने है, दूसरी तरफ दिल्ली कि सरकार में शामिल पार्टियां दिल्ली के आम जनता को फुटबाल की तरह इस्तेमाल कर रही है। ऐसी स्थिति में स्वराज इंडिया सभी पार्टियों से पूछेगी अगर जवाब नही मिला तो आगामी 12 मई को नोटा का बटन दबाकर अपना फैसला सुनाएगी। उन्होने अपील किया के बीजेपी को छोड़ किसी भी पार्टी को वोट दें। और अगर कुछ नहीं तो नोटा को दबा दें। उन्होने कहा कि हम चुनाव और लोकतंत्र का बहिष्कार नही करेंगे। लोकतंत्र का सम्मान करेंगे, बूथ में जाएंगे और नोटा का बटन दबाकर जनता से खिलवाड़ करने वाली पार्टियों को सबक सिखाएंगे।

योगेंद्र यादव ने कहा कि आजकल समाज में रिवाज चल गया है कि अगर कोई समाज के लिए कुछ काम करता है तो वह केवल चुनाव लड़ने और कुर्सी पर बैठने की नियत से ही करता है। कम से कम कुछ लोगों को तो इस विचार को गलत साबित करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया की चुनाव के बाद इलाके के लोगों के दुख सुख और जन आंदोलनों में भी और भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। हालांकि उन्होने बाद में लोकसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल करने की अपील को लेकर आलोचनाओं का सामना करने वाले स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उनके संगठन की यह अपील सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित है.

स्वराज इंडिया के उपाध्यक्ष अनुपम ने कहा कि उनकी पार्टी ने नोटा का इस्तेमाल करने की हिमायत इसलिए की है, क्योंकि दिल्ली की तीनों अहम सियासी पार्टियां (आप, भाजपा और कांग्रेस) अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा एक मात्र ऐसी पार्टी है जो नोटा से डरती है. इस महीने के शुरू में यादव के स्वराज इंडिया ने कहा था कि वह राष्ट्रीय राजधानी में नोटा के इस्तेमाल करने का समर्थन करता है.

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