योग आंतरिक रूप से समस्याओं पर विजय पाने के लिए तैयार करता है!

योग आंतरिक रूप से समस्याओं पर विजय पाने के लिए तैयार करता है!

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ योग प्रोफेशनल्स (IFYP) द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी, ताड़ीवाला रोड, पुणे में *”योग फ़ॉर युथ”* विषय पर नेशनल सेमिनार एवं *”योग प्रोफेशनल्स मीट”* का आयोजन किया गया।

प्रातः 10 बजे से दीप प्रज्ज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का आरंभ हुआ। फेडरेशन के महासचिव डॉ सत्यनारायण यादव ने अतिथियों का स्वागत किया । पश्चात फेडरेशन के आल इंडिया स्टेट्स कोऑर्डिनेटर अनिल रावत ने प्रजेंटेशन के माध्यम से फेडरेशन की गतिविधियों, उद्देश्यों, भविष्य की कार्ययोजनाओं के विषय में जानकारी दी।

सेमिनार में आगे अपना रिसर्च बताते हुए मुख्य अतिथि, लोनावला योग इंस्टिट्यूट, लोनावला के डायरेक्टर *डॉ. मनमत घरोटे* ने बताया कि हमारे ऋषियों, सिद्धों ने गहन शोध किया है, और सब कुछ पांडुलिपियों के रूप में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि योग “इंटीग्रेशन ऑफ पर्सनालिटी” है जो कि 5 बातों- शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक, आध्यात्मिक  से मिलकर बनता है। योग से इन पांचों में संतुलन स्थापित कर मन की निरुद्ध अवस्था तक पहुंचा जाता है। युवाओं में बढ़ते तनाव पर बोलते हुए कहा कि योग व्यक्ति को समस्याओं पर विजय पाने के लिये आंतरिक रूप से तैयार करता है
उन्होंने प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों को भी दिखाया जो कि पाली संस्कृत व उर्दू में लिखी गई थी ।

उसके बाद इंटरनेशनल आयुर्वेद एसोसिएशन के पुणे अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ अतुल रक्षे ने कहा कि योग इस समय सबसे तेज़ उभरती इंडस्ट्री है , पूरे विश्व में 80 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री हो चुकी है जो कि आगे चलकर कई गुना बढ़ने वाली है। इसलिए इसमें रोज़गार के बहुत अवसर हैं। आगे उन्होंने विदेशों में योग की स्थिति के विषय में बताते हुए विदेशों में योग में कैरियर के विषय में बताया।

केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, दिल्ली के रिसर्च आफिसर डॉ मोहन राव ने बताया कि युवाओं को रिसर्च में आगे आना चाहिए। विद्यार्थियों में योग का प्रचार कर उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट देखनी चाहिए और रिसर्च करना चाहिए।

आयुर्वेद कॉलेज पुणे की प्रिंसिपल डॉ नीलाक्षी प्रधान ने कहा कि योग को युवाओं को अपने जीवन का अंग बनाना चाहिए और रिसर्च में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में योग का मूल है परंतु रिसर्च विदेशों की  चलती है। यह विचारणीय है।

इसके अतिरिक्त डॉ निलेश महाजन, डॉ विकास छोटे आदि अनेक वक्ताओं ने अपने रिसर्च प्रतुत किये।

कार्यक्रम में भारतीय सांस्कृतिक सम्बद्ध परिषद (iccr) के क्षेत्रीय निदेशक श्री मलकित चंद ने भी संबोधित किया।

लंच बाद के सेशन में योग प्रोफेशनल्स मीट का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से आये हुए योग प्रशिक्षको की समस्या का समाधान किया गया। उन्हें सरकारी योजनाओं, फेडरेशन की भविष्य की योजनाओं आदि के विषय में बताया गया। योग में कैरियर निर्माण के विषय में भी बताया गया।

अंत में प्रोग्राम डायरेक्टर श्री नंदगोपाल जी ने सभी का धन्यवाद किया। और सर्टिफिकेट्स का वितरण किया गया।
समारोह में पूरे देश भर से योग प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया।

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ योग प्रोफेशनल्स की नेशनल योग सेमिनार एवं योग प्रोफेशनल्स मीट सफलतापूर्वक संपन्न।

योग टीचर्स में क्रेज इतना था कि सीट फुल होने के बाद भी सैकड़ों योग प्रोफेशनल्स ने भाग लेने के लिए अपनी इच्छा जताई।

जो योग प्रोफेशनल्स सेमिनार में थे बड़े ही उत्साह एवं धैर्यपूर्वक शाम तक कार्यक्रम का भरपूर लाभ लिया।

प्रश्नोत्तर सेशन के दौरान योग प्रोफेशनल्स ने सेन्टर प्रमोशन, सरकारी योजनाओं, शोध, रोगों के यौगिक समाधान, फेडरेशन से जुड़ने की प्रक्रिया, विदेशों में योग के अवसर , कैरियर अवसर आदि अनेक संबधी प्रश्न पूछे और उनका यथेष्ट समाधान प्राप्त किया।

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