कुशीनगर: किसी ख़ास मौके या धार्मिक संगठन की ओर से आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर भंडारे का आयोजन आम बात है मगर पिछड़े पूर्वी उत्तर प्रदेश में भगवान बुध ने जहां निरवान हासिल किया था यानी कुशीनगर में एक महिला तक़रीबन दो दशक से भिक्षाटन (भीक माँगना )के ज़रीये हर हफ़्ते सैंकड़ों ग़रीब लाचारों का पेट भरने का अच्छा काम कर रही है।
ज़िला के पडरौना नगर में रहने वाली “रेखा पांडे” हर हफ़्ता अपने घर पर ग़रीब ग़ुरबा, लाचारों और मजबूरों को भरपेट खाना खिलाती हैं और दक्षिणा भी देती हैं।पति की मृत्यु के बाद भंडारा चलाने में दिक़्क़त आई तो उन्होंने दूसरा रास्ता उठाया अब वो छः दिन भिक्षाटन करती हैं इस से जो रुपये पैसे मिलते हैं इस से शुक्रवार को राशन ख़रीद कर शनिवार को भंडारा करती हैं।