तेलंगाना हुकूमत ने स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड के तक़र्रुर के मसअले पर ताहाल कोई फैसला नहीं किया है जबकि आई पी एस ओहदेदार शेख मुहम्मद इक़बाल की बहैसियत स्पेशल ऑफीसर मीआद आज मुकम्मल हो गई। वो कमिशनर अक़लीयती बहबूद के ओहदा पर बदस्तूर बरक़रार रहेंगे। हुकूमत ने वक़्फ़ बोर्ड की मीआद की तकमील के बाद 6 माह की मुद्दत के लिए शेख मुहम्मद इक़बाल को स्पेशल ऑफीसर मुक़र्रर किया था।
अक़लीयती बहबूद के स्पेशल सेक्रेट्री सैयद उमर जलील ने वक़्फ़ बोर्ड की तशकील में तकनीकी दुश्वारियों के पेशे नज़र स्पेशल ऑफीसर की मीआद में तौसीअ की सिफ़ारिश की थी। ये फाईल बताया जाता है कि चीफ सेक्रेट्री के पास ज़ेरे इल्तवा है।
इसी दौरान चीफ मिनिस्टर चन्द्र शेखर राव ने स्पेशल ऑफीसर के तक़र्रुर के सिलसिले में बाअज़ करीबी ओहदेदारों से मुशावरत की। शेख मुहम्मद इक़बाल की मीआद आज मुकम्मल होने के बाद चीफ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड तमाम ज़रूरी उमूर के निगरां निकार होंगे।
आंध्र प्रदेश की हुकूमत ने काबीना में किसी मुस्लिम वज़ीर को शामिल नहीं किया और वज़ीर इत्तिलाआत पी रघूनाथ रेड्डी को अक़लीयती बहबूद का क़लमदान तफ़वीज़ किया गया। दोनों रियासतों में आई ए एस ओहदेदारों के अलाटमैंट में ताख़ीर के सबब भी महकमा की कारकर्दगी मुतास्सिर हो रही है।