सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप के उस प्लान को खारिज कर दिया है जिसमें इंवेस्टर्स के पैसे लौटाने का फॉर्मूला पेश किया गया था। सेबी की राय जानने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की तजवीज को खारिज कर दिया। इसके साथ ही सहारा ग्रुप के चीफ सुब्रत रॉय के फिलहाल जेल से बाहर आने की उम्मीद पर पानी फिर गया।
सहारा ग्रुप ने जुमे के रोज़ सुप्रीम कोर्ट में इंवेस्टर्स के 20 हजार करोड रूपए लौटाने का फार्मूला पेश करते हुए कहा कि वह 2500 करोड रूपये तीन दिन के अंदर लौटा देगा। बाकी रकम बाद में चार किस्तों में लौटा दी जाएगी। सहारा के वकीलों ने सुब्रत रॉय और दो डायरेक्टरों की पुलिस कस्टडी की इस बुनियाद पर मांग की कि अदालती हिरासत में होने की वजह से उन तक पहुंच में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
सहारा ग्रुप ने कोर्ट से गुजारिश किया कि रिफंड मनी जुटाने के लिए सुब्रत रॉय और दोनों डायरेकटरों को कस्टडी से रिहा किया जाए। सहारा ग्रुप ने 2,500 करो़ड रूपए तीन दिन में जमा कराने और बाकी रक़म हर तीन महीने में किस्तों के रूप में जमा कराने की पेशकश रखी। सेबी ने सहारा की पेशकश की मुखालिफत की ।
सेबी ने कहा कि सहारा सिर्फ 17,000 करोड रूपए का पेमेंट करने का वादा कर रहा है जबकि देनदारी 35,000 करोड रूपए की है। छोटे इंवेस्टर्स के 20 हजार करोड रूपए नहीं लौटाने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को 11 मार्च तक के लिए अदालती हिरासत में भेज दिया था।
सुब्रत रॉय फिलहाल तिहाड़ जेल में कैद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को 26 फरवरी को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था लेकिन वह हाजिर नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने पुलिस से कहा कि वह सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर 4 मार्च को कोर्ट में पेश करे।
लखनऊ पुलिस गैर जमानत वारंट को तामील करवाने जब सुब्रत रॉय के लखनऊ वाकेय् रिहायशगाह पर पहुंची तो सहारा ग्रुप् के चीफ वहां नहीं मिले। बाद में सुब्रत रॉय ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर सीजेएम कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने सुब्रत रॉय को 4 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने उन्हें हवालात में रखने की बजाय गेस्ट हाउस में रखा। सुब्रत रॉय को 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 11 मार्च तक के लिए अदालती हिरासत में भेज दिया।