आज़म गढ़ 19 जुलाई (पी टी आई) बी एस पी के क़ाइद-ओ-साबिक़ रुकन असेम्बली सर्वेश सिंह सैपो और एक और शख़्स को नामालूम हमलावरों ने आज गोली मार कर हलाक कर दिया जिस के नतीजे में ज़िला आज़म गढ़ में तशद्दुद फूट पड़ा।
एहितजाजियों का पुलिस से तसादुम हुआ और मुबय्यना तौर पर पुलिस फायरिंग से एक शख़्स हलाक होगया। दीगर 6 लोग ज़ख़मी हुए। 35 साला सैपो और 40 साला नर्द राय के क़त्ल के बाद जो साबिक़ रुकन असेम्बली से किसी काम के सिलसिले में मुलाक़ात करने आया था, सैपो की क़ियामगाह के रूबरू नामालूम हमलावरों की फायरिंग का शिकार होगए।
जैसे ही ये ख़बर फैली सैपो के सैंकड़ों हामीयों ने जियान पुर पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया। मुलाज़मीन पुलिस से राइफ़लें छीन लिये। ख़िशतबारी करने लगे और पुलिस स्टेशन को नज़र-ए-आतिश करने की भी कोशिश की। आई जी ला ऐंड आर्डर आर के विश्वा कर्मा ने लखनऊ में कहा कि बरहम हुजूम ने 2 गाड़ियां और 6 मोटर साईकलें नज़र-ए-आतिश करदी। पुलिस को हुजूम पर क़ाबू पाने फायरिंग करना पड़ा।
सूरत-ए-हाल पर क़ाबू पाने की कोशिशें की गईं। विश्वा कर्मा ने कहा कि साबिक़ रुकन असेम्बली और दीगर दो लोग हलाक होगए लेकिन उसकी तौसीक़ नहीं हो सकी। पुलिस फायरिंग में सिर्फ़ एक शख़्स की हलाकत की तौसीक़ हुई है। ऐसा मालूम होता है कि वो वाक़िया पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। आई जी ने कहा कि पड़ोसी अज़ला माओ , जौनपूर और अंबेडकर नगर में हमलावरों की तलाश जारी है। सैपो सागारी हल्क़ा-ए-इंतेख़ाब से 2012 तक रुकन असेम्बली थे।
गुज़िश्ता असेम्बली इंतेख़ाबात में उन्होंने बी एस पी में शमूलीयत इख़तेयार करके इसके टिकट पर सदर के हलक़े से इंतेख़ाबी मुक़ाबला किया था। उनके वालिद राम प्यारे सिंह साबिक़ मुलायम सिंह यादव हुकूमत में वज़ीर थे। सर्वेश सिंह की हलाकत की मज़म्मत करते हुए क़ाइद अप्पोज़ीशन रियास्ती असेम्बली सीनीयर बी एस पी क़ाइद स्वामी प्रसाद मौर्या ने लखनऊ में मुतालिबा किया कि रियासत में गुंडा राज पर क़ाबू पाने फ़ौरी इक़दामात किए जाएं। उन्होंने कहा कि जब अवाम के मुंख़बा नुमाइंदे महफ़ूज़ नहीं हैं तो आम आदमी के बारे में अंदाज़ा लगाया जा सकता है।