हिंदुत्व की रक्षा करने व राष्ट्रविरोधी लोगों से निपटने के लिए बजरंग दल कार्यकर्ताओं को मिलेगी कमांडो ट्रेनिंग

हिंदुत्व की रक्षा करने व राष्ट्रविरोधी लोगों से निपटने के लिए बजरंग दल कार्यकर्ताओं को मिलेगी कमांडो ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश में बजरंग दल कार्यकर्ताओं को कमांडो ट्रेनिंग दिए जाने की बात सामने आ रही है। एक हजार से भी अधिक कार्यकर्ताओं को कमांडो ट्रेनिंग दी जाएगी. इस ट्रेनिंग की वजह राष्ट्रविरोधी लोगों से टकराने और हिंदु धर्म की रक्षा करना बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 200 कार्यकर्ताओं का एक कैंप 15 मई से अयोध्या में शुरू होगा। वहीं ऐसे 8 कैंप सिर्फ मई में ही उत्तर प्रदेश के पांच अलग हिस्सों में लगाए जाएंगे।

बजरंग दल के संयोजक सोहन सिंह सोलंकी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि मेरठ के खुर्जा में 22 मई, फिरोजाबाद के बृज में 26 मई, अमेठी के कासी में 25 मई, कानपुर में 27 मई और गोरखपुर के मऊ में 22 मई से ट्रेनिंग शुरू होगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कैंप के लिए कैंडिडेट्स का सिलेक्शन उनके दल में एक्टिव परफॉर्मेंस से तय किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रेनिंग के बारे में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार किया जाएगा।

आईये जानते हैं बजरंग दल के बारे में कुछ खास बातें..

बजरंग दल, संघ परिवार और विश्व हिंदू परिषद की कड़ी का युवा चेहरा माना जाता है।
इस दल की शुरुआत 1 अक्टूबर 1984 में सबसे पहले भारत के उत्तर प्रदेश में शोभायात्रा के रूप में हुई थी।
इस शोभा यात्रा को राम जानकी रथयात्रा के नाम से जाना जाता था जिसका मकसद केवल लोगों को हिंदुत्व के बारे में बताना था।
धीरे-धीरे इस यात्रा से युवा और साधु-संत जुड़ गये और ये गुट बजरंग दल में तब्दील हो गया।
इसके बाद इस दल का विस्तार पूरे भारत में हो गया।
इस दल के दावे के मुताबिक उसके दल में 1,300,000 सदस्य हैं।
इन सदस्यों में 850,000 केवल कार्यकर्ता हैं।
इस दल का मुख्य एजेंडा देश में हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार करता है।
बजरंग दल का सूत्रवाक्य “सेवा, सुरक्षा और संस्कृति” है।
बजरंग दल इन दिनों अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर मुखर हुआ है।
इसी कारण बजरंग दल की छवि समाज में हिंदू समर्थक के रूप में हो गई है।
इस दल के कुछ लोगों का उग्र रूप भी इस छवि को मजबूत करताा है और इसी कारण इस दल के साथ बहुत सारी कंट्रोवर्सी भी जुड़ गई हैं।

ट्रेनिंग के पीछे के मकसद के बारे में अलीगढ़ के विश्व हिंदू परिषद विभाग मंत्री राम कुमार आर्या ने बताया कि ट्रेनिंग कार्यकर्ताओं को मजबूत बनान के लिए है जिससे वो राष्ट्र रक्षा, महिला सुरक्षा, गऊ संरक्षण, मंदिर की सुरक्षा और हिंदुत्व की रक्षा कर सकें।

अलीगढ़ के बंजरंग दल संयोजक गौरम शर्मा ने ट्रेनिंग के बारे में बताया कि इसमें कराटे के साथ, एयर राइफिल, तलवार और लाठी आदि का इस्तेमाल भी सिखाया जाएगा। वहीं तमाम एक्सरसाइज की मदद से शरीर को मजबूत बनाया जाएगा। मजबूती के लिए रस्सी से पड़ चढ़ना, हाई जंपिंग और लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग शामिल है। इसके साथ ही गौरव ने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग आधिकारिक ट्रेनर्स से होगी या फिर रिटायर्ड आर्मी और पुलिस अधिकारियों से।

बता दें कि हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें अयोध्या में कुछ लोगों को राइफल चलाने, तलवारबाजी और लाठियां भांजने की ट्रेनिंग दी जा रही थी जिसको लेकर एफआईआर भी दर्ज हो गई थी लेकिन इस मुद्दे पर सियासत गर्मा गई थी क्योंकि यूपी के राज्यपाल ने इस बात को सही ठहराया था।

Top Stories