देवबंद: देवबंद और आसपास के क्षेत्रों के हिंदू संगठन हर कीमत पर देवबंद के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने और सांप्रदायिक रंग देने पर आमादा हैं। डीएम और एसएसपी के देवबंद दौरे के बाद पुलिस प्रशासन ने हिंदू संगठनों द्वारा पद यात्रा निकाले जाने की अनुमति को रद्द करके यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया और समाजवादी पार्टी के बैनर तले कारतकया राणा के नेतृत्व में निकाली जाने वाली सद्द भावना रैली को मंजूरी दे दी है। लेकिन पद यात्रा रद्द करने और प्रतिबंध की घोषणा के बाद हिंदू संगठनें भड़क गई हैं और उन्होंने कल (आज) तय कार्यक्रम के तहत पद यात्रा निकाले जाने और इसमें संगीत सोम, सुदेश राणा और भाजपा के बड़े नेताओं की शामिल की घोषणा है। जिसके कारण प्रशासन, हिंदू संगठनों के बीच टकराव के आसार बढ़ गए हैं।
भाजपा और उसके अन्य सहयोगी दलों ने कई दिन पहले 20 जून को मंगलोर चौकी के पास स्थित जनकपुरी मंदिर से एक पद यात्रा निकालने की अनुमति ले रखी थी। देवबंद में दिन बदिन विस्थापन के मुद्दे पर हिंदू संगठनों से उत्तेजना के कारण अधिकारियों ने देवबंद का दौरा किया और हालात के मद्देनजर पद यात्रा की अनुमति को रद्द करते हुए पाबंदी लगा दी और क्षेत्र की स्थिति, सांप्रदायिक तनाव कम करने और शांति बहाल रखने के मद्देनजर समाजवादी पार्टी की ओर से मीना राणा के नेतृत्व में निकाली जाने वाली सद्द भावना रैली को अनुमति दे दी।
प्रशासन की इस घोषणा के बाद हिंदू संगठनें आग बगुला हो गई हैं और उन्होंने घोषणा की है कि अनुमति समाप्त कर दिए जाने के बावजूद वह अपनी पद यात्रा हर हाल में तय कार्यक्रम के तहत निकालेंगे। हिंदू चरमपंथियों ने घोषणा की है कि पद यात्रा में संगीत सोम, सुरेश राणा और भाजपा के बड़े नेता भी भाग लेंगे जो एक प्रशासन, पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच टकराव के आसार बढ़ गए हैं। ऐसे में देवबंद और उसके आसपास के इलाकों में तनाव में वृद्धि होना तय है।
आज भी हिन्दू संगठनों ने एक लेख जारी करके हिंदू परिवारों के विस्थापन के कारणों और स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है उन्होंने बैरून कोटला, टीचर्स कॉलोनी, कायस्थ वाड़ा और जनकपुरी से 32 परिवारों के विस्थापन की सूची जारी करते हुए कई घटनाओं की याद दिला दी और प्रशासन व पुलिस पर लापरवाही बरतने तथा दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
इन सभी दावों और हिंदू संगठनों के अड़ियल रवैये पर पुलिस और प्रशासन का कहना है कि वह पूरी तरह मुस्तैद हैं और चरमपंथियों की गतिविधियों और हरकात पर नजर रखे हुए हैं। एसडीएम भानु प्रताप सिंह, सीओ योगेंद्र सिंह और कोतवाली प्रभारी विजय प्रकाश सिंह का कहना है कि हालात पर उनकी कड़ी नजर है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने, तनाव पैदा करने और लॉ एन आदेश को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति को बहाल रखने में प्रशासन के साथ सहयोग करें और हमेशा की तरह आराम से रहें।