अक़लीयतों को टेक्नीकल एजुकेशन में भी आगे आना वक़्त का अहम तक़ाज़ा

मर्कज़ी ममलिकती वज़ीरे अक़लीयती उमूर मुख़तार अब्बास नक़्वी ने अक़लीयतों की तालीमी, मआशी और समाजी तरक़्क़ी के लिए मर्कज़ी हुकूमत की संजीदगी का दावा करते हुए कहा कि वक़्त की अहम ज़रूरत है कि अक़लीयतों को तालीम के साथ साथ टेक्नीकल एजुकेशन के शोबा में भी आगे आना चाहीए। मुख़तार अब्बास नक़्वी आज मौलाना आज़ाद नैशनल उर्दू यूनीवर्सिटी के 17वीं यौमे तासीस प्रोग्राम से ख़िताब कर रहे थे।

उन्हों ने कहा कि मर्कज़ मुल्क के अक़लीयती आबादी वाले इलाक़ों में आई टी आईज़ के क़ियाम का मंसूबा रखता है और इस सिलसिले में उर्दू यूनीवर्सिटी और इस तरह के दीगर इदारों को आगे आना चाहीए। आई टी आईज़ और दीगर टेक्नीकल इदारों के क़ियाम के सिलसिले में हुकूमत हर मुम्किन तआवुन के लिए तैयार है। वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी अक़लीयतों की तालीमी और खासतौर पर पेशावराना कोर्सेस में महारत के हक़ में हैं।

उन्हों ने कहा कि वज़ीरे आज़म ने हाल ही में मर्कज़ी वुज़रा को तलब करते हुए अक़लीयतों के मसाइल पर बात-चीत की और हिदायत दी कि मुस्लिम आबादी वाले इलाक़ों में तालीमी इदारों के क़ियाम के इमकानात का जायज़ा लें और इस सिलसिले में एक मंसूबा को क़तईयत देते हुए हुकूमत को पेश करें।

उन्हों ने कहा कि तालीम के साथ साथ टेक्नीकल एजुकेशन मौजूदा हालात में नागुज़ीर है जिस के ज़रीए मुस्लिम नौजवानों के लिए रोज़गार के मवाक़े पैदा किए जा सकते हैं। उन्हों ने बताया कि हुकूमत ख़ान्गी इदारों के इश्तिराक से अक़लीयतों को टेक्नीकल एजुकेशन फ़राहम करने का मंसूबा रखती है ताकि ट्रेनिंग के बाद उन्हें ख़ान्गी इदारों में बेहतर रोज़गार हासिल हो सके।

अक़लीयतों में बेरोज़गारी को अहम मसअला क़रार देते हुए मुख़तार अब्बास नक़्वी ने कहा कि समाजी, मआशी और तालीमी तरक़्क़ी ही अक़लीयतों की हक़ीक़ी तरक़्क़ी होगी और इन तमाम शोबों में हुकूमत संजीदा है।

सदर नशीन यूनीवर्सिटी ग्रान्ट्स कमीशन ने उर्दू यूनीवर्सिटी को रिसर्च के काम में बड़े पैमाने पर तौसीअ का मश्वरा देते हुए कहा कि कोई भी इदारा उस वक़्त तक अज़ीम नहीं कहा जा सकता जब तक कि उस में रिसर्च का काम बड़े पैमाने पर अंजाम ना दिया जाए।