अपनी मर्जी से प्राइवेट सेक्रेटरी नहीं रख पाएंगे राजनाथ सिंह?

वज़ीर ए आज़म नरेन्द्र मोदी के दफ्तर ने वुजराओ के प्राइवेट सेक्रेटरी की तकर्रुरी पर रोक लगा दी है। वज़ीर ए दाखिला राजनाथ सिंह और इंसानी वसाएल की वज़ीर स्मृति ईरानी भी अपनी मर्जी से प्राइवेट सेक्रेटरी की तकर्रुरी नहीं कर पाएंगे।

ज़राये के मुताबिक वज़ीर ए आज़म का दफ्तर इस बात पर चर्चा कर रहा है कि पिछले हुकूमत के वुजराओं के साथ काम करने वाले स्टॉफ को रखा जाए या नहीं। ज़राये के मुताबिक स्क्रूटनी के बाद ही वज़ीर ए आज़म का दफ्तर तकर्रुरी को मंजूरी देगा। इस फैसले से आठ तकर्रुरी पर असर पड़ सकता है।

ज़राये के मुतबैक राजनाथ सिंह यूपी के आईपीएस आफीसर आलोक सिंह को प्राइवेट सेक्रेटरी के तौर पर तरकरुर करना चाहते हैं। सिंह साबिक वज़ीर ए खारेजा सलमान खुर्शीद के साथ काम कर चुके हैं। अगर सरकार ने पिछली हुकूमत में काम करने वाले आफीसरों को रिटेन करने का फैसला नहीं किया तो स्मृति ईरानी,नजमा हेपतुल्लाह और रविशंकर प्रसाद भी अपनी पसंद के प्राइवेट सेक्रेटरी की तकर्रूरी नहीं कर पाएंगे।

वुजराओं का प्राइवेट स्टाफ के पालिसीसाज़ फैसलों और अहम फाइलों को देख सकता है।ज़राये के मुताबिक Ministry of Personnel ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि वुजराओं के प्राइवेट स्टाफ में तकर्रुरी के लिए कैबिनेट की तकर्रुरी कमेटी से मंजूरी जरूरी है। 26 मई को सभी महकमों के सेक्रेटरी को यह सुर्कलर जारी किया गया।

इसमें तकर्रुरी के लिए तय अमल पर काम करने को कहा गया है। वजीर ए दाखिला किरेन रिजिजू के प्राईवेट सेक्रेटरी अभिनव कुमार की तकर्रूरी को भी हरी झंडी नहीं मिली है। वज़ीर ए खारेजा वीके सिंह के ज़ाती सेक्रेटरी राजेश कुमार की तकर्रुरी भी अटकी हुई है। अभिनव कुमार पिछली हुकूमत में शशि थरूर के साथ थे जबकि राजेश कुमार चंद्रेश कुमारी कटोच के साथ |