दिल्ली। करदाताओं की मुश्किलों को आसान करने के मकसद से नरेंद्र मोदी सरकार टैक्स रिटर्न का स्क्रूटनी टाइम एक साल तक कम करने पर विचार कर रही है। मौजूदा व्यवस्था में टैक्स असेसमेंट कम्प्यूटर चालित प्रणाली के तहत असेसमेंट ईयर की क्लोजिंग के बाद दो साल के भीतर पूरा होता है।
इसका अर्थ यह हुआ कि फाइनैंशल ईयर 2014-15 के रिटर्न्स की स्क्रूटनी , जिसका असेसमेंट ईयर 2015-16 होता है, मार्च 2018 तक हो पाएगी। पहले चरण में केंद्र सरकार ने इसे अवधि को 21 महीने तक करने की बात कही है। यानी बीते वित्तीय वर्ष की स्क्रूटनी दिसंबर 2017 तक पूर्ण हो सकेगी।