सी आई ए के एक साबिक़ अफ़्सर जॉन को खु़फ़ीया मालूमात ज़ाहिर करने के जुर्म में ढाई साल की सज़ा सुना दी गई है। पाकिस्तान में सी आई ए के इन्सिदाद दहशतगर्दी प्रोग्राम के चीफ़ रह चुके हैं। 48 साला जॉन को सी आई ए के लिए तक़रीबन 20 साल तक ख़िदमात अंजाम दीं। निजी मसरुफ़ियात के बाइस 2004 में सी आई ए से इस्तीफ़ा दे दिया था।
सी आई ए छोड़ने के कुछ अर्से बाद उन्हों ने एक सहाफ़ी को सी आई ए के एक अफ़्सर के नाम से आगाह किया था, राज़ अफ्शा करने के जुर्म में उन पर मुक़द्दमा चलाया गया। उन्हों ने अपना जुर्म तस्लीम कर लिया और अमरीकी हुकूमत से डील के बाद 30 माह की सज़ा क़बूल करली।
जॉन की सज़ा का आग़ाज़ 25 जनवरी से होगा, वो सी आई ए के पहले अफ़्सर हैं जिन्हें खु़फ़ीया मालूमात ज़ाहिर करने के जुर्म में सज़ा दी गई है।