वाशिंगटन , ०४ नवंबर : ( एएफपी , एपी ) : सदर अमेरीका बारक ओबामा अमेरीकी सदारती इंतिख़ाबात की जानिब तेज़ी से पेशक़दमी कर रहे हैं । वो फैसला कुन इंतेख़ाबी मुक़ाबला में रिपब्लिकन के मिट रोमनी पर सबक़त रखते हैं ।
6 नवंबर को मुनाक़िद होने वाला इंतेख़ाब ओबामा को दूसरी मीआद नसीब करेगा । इऩ्हें चार साल क़बल अपने हरीफ़ जां मकीन पर बहुत बड़ी सबक़त (पहुँच) हासिल थी । लेकिन इस मर्तबा रोमनी से उनकी टक्कर का मुक़ाबला हो रहा है । मिट रोमनी की इंतिख़ाबी मुहिम से ये तवक़्क़ो भी हो रही है कि साबिक़ गवर्नर को मंगल के दिन होने वाली रायदही में सख़्त मुक़ाबला होगा ।
तक़रीबन 25 मिलियन अवाम ने कोलंबिया के ज़िला और 34 रियासतों में पहले ही वोट डाला है । लेकिन इंतिख़ाबी अमल पूरा होने तक कोई राय शुमारी नहीं होगी । अमेरीका के दीगर कई रियासतों में रायदही ( मतदान) होने वाली है । अब तक डेमोक्रेटिक वोटर्स ने फ़्लोरीडा , अवया , नेवडा , में रिपब्लिकन के ख़िलाफ़ वोट दिया ।
तूफ़ान सेंडी की तबाह कार्यों के बाद सदर अमेरीका बारक ओबामा को बड़े हंगामी इक़दामात ( कार्यनिष्पादन) के ज़रीए अवाम का दिल जीतना है । अमेरीका के मुसलमानों की अक्सरियत ( बहुसंख्यक) ने ओबामा को पसंद किया है । वो रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी को अपने लिये फ़ाल नेक तसव्वुर नहीं करते ।
इसलिये अमेरीकी मुस्लिम वोट रास्त ( सीधे) ओबामा के हक़ में होंगे । ओबामा और मिट रोमनी ने अपने आख़िरी मरहला की इंतिख़ाबी मुहिम शुरू की है । क़ौमी ओपिनियन पोल में बताया गया है कि दो हरीफ़ों के हक़ में राय दही का फ़ीसद तक़रीबा यकसाँ है ताहम दीगर 9 रियासतों के राय दहनदों ( वोट देने वालो) का नज़रिया वाज़िह नहीं ।
बहरहाल रिपब्लिकन ने वाज़िह तौर पर तस्लीम कर लिया है कि इसके उम्मीदवार मिट रोमनी ने उन्हें मतलूब वोट हासिल करने में कोई ख़ास पेशरफ़्त नहीं की । इसलिये रोमनी को 270 इलेक्ट्रोल वोट्स हासिल करने सख़्त मुक़ाबला करना पड़ेगा । ओबामा की टीम ने अपनी इंतिख़ाबी मुहिम के लिये छोटे और बड़े जलसे और रैलियां मुनाक़िद करने के लिये अब आख़िरी मरहला की लड़ाई और मुहिम के लिये इस हफ़्ता सिलसिला वार जलसे करने का मंसूबा बनाया ।
ताहम ( यद्वपि) तूफ़ान सेंडी के बाद ये मुहिम क्या रंग लाएगी । ये 6 नवंबर की राय दही के बाद मालूम होगा । ओबामा को अमरीकी अवाम में बढ़ती बेरोज़गारी का मसला दरपेश है जब कि मिट रोमनी ने भी इस मसला को अपनी इंतिख़ाबी मुहिम का मौज़ू ( विषय) बनाया है ।