वादे करके अमल करने की आदत नहीं , हरियाणा में इंतेख़ाबी जलसे से सदर कांग्रेस का ख़िताब
यू पी ए हुकूमत की जानिब से लाए गए देही रोज़गार प्रोग्राम और अराज़ी हुसूल क़वानीन को कमज़ोर करदेने की कोशिश का इल्ज़ाम आइद करते हुए सदर कांग्रेस सोनिया गांधी ने आज अवाम से कहा कि वो बी जे पी के झांसे में ना आएं। हरियाणा में बी जे पी और इंडियन नेशनल लोक दल ने अवाम को बेवक़ूफ़ बनाया है।
उन्होंने दावा किया कि इन दोनों मुफ़ाद हासिला पार्टीयों का असल मक़सद इक़तेदार पर क़बज़ा करना है। सोनिया गांधी ने हरियाणा के ज़िला थोसम में इंतेख़ाबी जलसे से ख़िताब करते हुए कहा कि आज हमारे सामने इंतेख़ाबात हैं ,15 अक्टूबर को वोट डाले जाऐंगे , हमारे हरीफ़ पार्टीयां इक़्तेदार हासिल करने के लिए हर तरह की कोशिश कररही हैं।
ये लोग घरों से निकल रहे हैं बल्कि जेलों से भी बाहर आकर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर हरियाणा ओम प्रकाश चौटाला पर भी तन्क़ीद की जो रिश्वत केस में 10 साल की सज़ा काट रहे हैं जबकि वो सेहत की बुनियादों पर ज़मानत हासिल करके इंतेख़ाबी मुहिम चला रहे हैं।
उन्होंने ये रिमार्क किया था कि अगर उनकी पार्टी को इक़्तेदार हासिल हुआ तो वो तिहाड़ जेल से भी हलफ़ लेंगे। सोनिया गांधी ने कहा कि जेल से सरकार चलाने वालों को भी कुर्सी चाहिए। दीगर पार्टीयां भी इक़्तेदार में अपना हिस्सा चाहती हैं। ये लोग आप की ख़िदमत करने के लिए इक़्तेदार नहीं चाहिए बल्कि अपनी मफ़ाद के लिए वोट ले रहे हैं।
हरियाणा की तरक़्क़ी का उन के पास कोई मंसूबा नहीं है। सदर कांग्रेस ने वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी पर तन्क़ीद की कि अहम अदवियात की क़ीमतों को डी कंट्रोल करने का फ़ैसला किया गया। ये फ़ैसला वज़ीर-ए-आज़म के दौरा अमरीका से पहले किया गया। उन्होंने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म ने अमरीका का दौरा किया था और सिर्फ़ वक़्त ही बताएगा कि क्या पाया क्या खोया। मगर एक चीज़ उन्होंने ये की कि उन के फ़ैसलों से अमरीकी दवा साज़ कंपनियों को फ़ायदा होगा।