अफ़ज़ल गुरु को 13 दिसंबर को फांसी पर लटकाने बी जे पी का मुतालिबा

नई दिल्ली, 12 दिसंबर: (पीटीआई) अब जबकि पार्लीमेंट पर हमले की ग्यारहवीं बरस के लिए सिर्फ़ दो रोज़ बाक़ी हैं लिहाज़ा बी जे पी ने ये मुतालिबा शुरू कर दिया है कि अफ़ज़ल गुरु को 13 दिसंबर के रोज़ ही फांसी पर लटकाया जाए ताकि पार्लीमेंट हमला के शहीदों को हक़ीक़ी ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया जा सके ।

बी जे पी तर्जुमान शाहनवाज़ हुसैन ने मीडीया नुमाइंदों से बात करते हुए कहा कि अगर हुकूमत अफ़ज़ल गुरु को 13 दिसंबर के रोज़ फांसी दे तो पार्लीमेंट हमले के शहीदों के लिए इससे बेहतर ख़िराज-ए-अक़ीदत नहीं हो सकता । पार्लीमेंट का सेशन जारी रहते हुए अफ़ज़ल गुरु को फांसी पर लटकाया जाना चाहीए ।

शाहनवाज़ हुसैन ने एक सवाल का जवाब देते हुए अफ़ज़ल गुरु के बारे में ये बात कही जिसकी दरख़ास्त रहम सदर जमहूरीया के ज़ेर-ए-ग़ौर है । अपनी बात जारी रखते हुए शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि बी जे पी ये मुतालिबा करती है कि अफ़ज़ल गुरु को फांसी दिए जाने के लिए वोट या इलेक्शन सियासत का खेल ना खेला जाए ।

हुकूमत को ये बात भी ज़हन से निकाल दीनी चाहीए कि अफ़ज़ल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद इस मौज़ू को पार्लीमेंट में उठाया जाएगा । याद रहे कि वज़ीर-ए-दाख़िला सुशील कुमार शिंदे ने कल कहा था कि पार्लीमेंट हमले के कलीदी मुल्ज़िम अफ़ज़ल गुरु और दीगर छः मुल्ज़िमीन की दरख़ास्त रहम की फाइलों का मुताला पार्लीमेंट के सरमाई इजलास के बाद किया जाएगा ।

यहां इस बात का तज़किरा ज़रूरी है कि 2001 में पार्लीमेंट पर हुए हमले में मुलव्वस अफ़ज़ल गुरु को सज़ा ए मौत सुनाई गई थी । इस हमले में नौ अफ़राद हलाक हो गए थे जिनमें सेक्योरिटी अहलकार भी शामिल थे । ज़ख़मी होने वालों की तादाद 16 थी ।

मुंबई हमलों के मुल्ज़िम अजमल क़साब की फांसी के बाद ये तवक़्क़ो की जा रही थी कि अफ़ज़ल गुरु को भी जल्द ही तख़्तादार पर लटका दिया जाएगा ।