आंगनबाड़ी बेहतर गेज़ा फरोख्त में 3.5 करोड़ का घोटाला

आंगनबाड़ी सेंटरों में बेहतर गेज़ा खरीद में 3.5 करोड़ के घोटाले की तसदीक़ हो गई है। जांच कमेटी की पहली रिपोर्ट मिलने के बाद डीसी अबू इमरान ने इसका खुलासा किया। मजिस्ट्रेट आसिफ अली की अगुवाई वाली जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2013 से मार्च 2014 के दरमियान जिले के 1042 आंगनबाड़ी सेंटरों को 112 दुकानों के वाउचर के जरिए 5.92 करोड़ रुपए की अदायगी बेहतर गेज़ा मद में किया गया था।

इसमें से 3.35 करोड़ की रकम ऐसे दुकानों के वाउचर से निकाले गए, जिनका कोई वजूद नहीं है। जांच में 60 दुकानों का कोई वजूद नहीं मिल सका है। डीसी ने बताया कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी मांडू और पतरातू ब्लॉक में की गई है। मांडू के 29 दुकानों में से 20, पतरातू के 28 दुकानों में 17, गोला में 22 में 9, दुलमी में 15 में से 9, चितरपुर में 9 में से 6 और रामगढ़ में 9 में से 4 दुकानें वजूद में नहीं है।

डीसी ने बताया कि दो-तीन दिन जांच और चलेगी। इसके बाद हुकूमत को इस घोटाले की सीबीआई जांच कराने की दरख्वास्त की जाएगी। वहीं, मुक़ामी थाने में तमाम मुजरिमों पर मुजरिमाना मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।

बोकारो के दुकान से भी खरीदे गए बेहतर गेज़ा तहक़ीक़ात के दौरान गड़बड़ी के कई मामले रोशनी में आए हैं। हुकूमत के समाज बोहबुद महकमा के नोटिफिकेशन 940/2012 में कहा गया है कि आंगनबाड़ी सेंटर पूरक बेहतर गेज़ा की रकम अपने करीबी बाजार के दुकान से ही खरीदेंगे।

लेकिन, 42 ऐसे दुकानों से खरीद हुई है, जो सेंटर से 15 से 30 किमी की दूरी पर हैं। गोला के एक सेंटर के बेहतर गेज़ा की फरोख्त तो बोकारो के जेनरल स्टोर से हुई है। गोला से 30 किमी दूर उपरबरगा सेंटर का बेहतर गेज़ा गोला बाजार के एक दुकान से खरीदा गया। चितरपुर में एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और छत्तरमांडू के एक मेडिकल दुकान से भी बेहतर गेज़ा खरीदे गए हैं।