आंध्र प्रदेश की नई दारुल हुकूमत विजयवाड़ा में होगी

आंध्र प्रदेश की नई दारुल हुकूमत विजयवाड़ा में होगी। वज़ीर ए आला चंद्रबाबू नायडू ने जुमेरात के रोज़ राज्य विधानसभा में इसका ऐलान कर दिये है।

रियासत की तक्सीम के बाद आंध्र प्रदेश की नई दारुल हुकूमत विजयवाड़ा बनेगी। सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने आज विधानसभा में इस इरादे का ऐलान किया । नायडू के ऐलान का वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मेम्बरो ने जमकर मुखलिफत की । उन्होंने इसके खिलाफ नारे लगाए और धरना भी दिया।

अपोजिशन मेम्बरों के हंगामे और धरने की वजह से ऐवान की कार्यवाही तीसरी बार 15 मिनट के लिए मुल्तवी कर दी गई। वाईएसआर कांग्रेस मेम्बरो की मुखालिफत को अनसुना करते हुए नायडू ने कहा कि विजयवाड़ा दारुल हुकूमत के साथ ही रियासत में तीन मेगा सिटी और 10 स्मार्ट सिटी भी बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि रायलसीमा और सुमाली साहिली आंध्र के पिछड़े इलाकों की तरक्की के लिए खुसूसी मंसूबे भी बनाए जाएंगे। नायडू ने कहा कि नई राजधानी के लिए ज़मीन अलाटमेंट के मुताल्लिक काम के लिए केबिनेट की एक नायब कमीशन की तश्कील की गई है |

नायडू ने विधानसभा में बताया कि हुकूमत ने रियासत के बीच के हिस्से में विजयवाड़ा के पास दारुल हुकूमत कायम करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में फैसला 1 सितंबर को रियासत के कैबिनेट की बैठक में लिया गया। जबकि अपोजिशन ने इसका एहतिजाज किया है। अपोजिशन का कहना है कि नई दारुल हुकूमत के लिए विधानसभा में बहस होनी चाहिए और उसके बाद वोटिंग।

बता दें कि अपोजिशन पार्टियों ने पहले से ऐलान कर रखा है कि अगर सीएम चंद्रबाबू नायडू उम्मीद के मुताबिक गुंटूर और विजयवाड़ा के बीच के किसी शहर को दारुल हुकूमत चुनते हैं, तो उनका एहतिजाज जारी रहेगा। अपोजिशन पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के लीडर जगनमोहन रेड्डी, जिनका रायलसीमा इलाके पर अच्छी पकड़ है, ने इल्ज़ाम लगाया था कि सीएम विजयवाड़ा को दारुल हुकूमत इसलिए बनाना चाहते हैं क्योंकि उनकी पार्टी के कुछ लीडरों को रियल इस्टेट से फायदा होना है।

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दारुल हुकूमत बनाए जाने की चर्चा के बीच इस इलाके में जमीनों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं।

विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश का साहिली ज़िला है, जहां कम्मा कम्युनिटी का दबदबा है। वज़ीर ए आला नायडू को इस कम्युनिटी की ताईद मिली हुई है। जबकि गरीब इलाका माने जाने वाले रायलसीमा इलाके के लोगों की मांग है कि उनके इलाके को दारुल हुकुमत ऐलान किया जाए, ताकि इलाके की तरक्की हो सके।

जून में आंध्र प्रदेश का बंटवारा कर एक नयी रियासत तेलंगाना बनाया गया था। उस वक्त अगले 10 साल के लिए यानी साल 2024 तक हैदराबाद को दोनों रियासतो की दारुल हुकूमत बनाए रखने का इंतेज़ाम किया गया था । इसके बाद हैदराबाद नए रियासत तेलंगाना को सौंप दिया जाएगा।