उत्तर प्रदेश में मज़हब की तब्दीली का मामला धीरे-धीरे तूल पकडता जा रहा है। आगरा में 60 खानदान के मज़हब की तब्दीली के बाद कुछ हिंदूवादी तंज़ीम रियासत में कुल 5000 मुस्लिम खानदान के मज़हब तब्दीली की तैयारी कर रहे हैं। खबर है कि इस बार क्रिसमस के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुडे तंज़ीम ने अपने घर वापसी प्रोग्राम के तहत कम-से-कम 4,000 ईसाई खानदानों और 1,000 मुस्लिम परिवारों को फिर हिंदू मज़हब में लाने के मंसूबे बनाए है।
इस प्रोग्राम से जुडे लोगों का दावा है कि मज़हब तब्दीली के इस प्रोग्राम में बीजेपी एमपी योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इसके लिए अलीगढ शहर को चुना गया है और तारीख होगी 25 दिसंबर। इसकी वजह बताते हुए धर्म जागरण मंच के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के इलाकई चीफ राजेश्वर सिंह ने कहा, इस हिंदू शहर को मुसलमानों के कब्जे से छुडाने का वक्त आ गया है। यह बहादुर राजपूतों और उनके मंदिरों का शहर है।
उन मंदिरों पर मुस्लिम इदारा बना लिए गए हैं। सिंह ने कहा कि क्रिसमस का दिन इसलिए चुना गया है कि यह कार्यक्रम दोनों मज़हबो के लिए ताकत के इम्तेहान जैसा है। उन्होंने बताया कि अलीगढ़, बुलंदशहर और हाथरस की झुग्गी बस्तियों के 40 खानदानो को इस प्रोग्राम के लिए चुन लिया गया है।
उन्होंने कहा, 4,000 ईसाई खानदान वाल्मीकि समाज से जुडे हैं। वाल्मीकि फिर्के तो हिंदू समाज का पांव है। उनके बिना हम अधूरे हैं। संघ के तंज़ीमो ने अगले साल आगरा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, मेरठ, मैनपुरी और उत्तराखंड में भी ऐसे ही प्रोगामों के मंसूबे बनाए है।