पटना 14 जून : भाजपा के साथ तालुकात में आये कशीदगी के दरमियान जदयू में भी गहमागहमी है। पार्टी के आला कायदीन सियासी सरगर्मियों पर नजर रखे हैं। इसकी अहम कमान एमपी आरसीपी सिंह के पास है। वहीं, हुकूमत में शामिल सीनियर वजीर एमएलए के राब्ता में है।
जिस इलाके से आज़ाद असेंबली रुक्न हैं, उस जिले से मुताल्लिक वजीर उनके राब्ता में रहे। पार्टी के कितने एमएलए पटना पहुंचे, इसकी जानकारी ली गयी। असेंबली में हुक्मरान जमात के अहम अलर्ट श्रवण कुमार भी एमएलए के पटना आने की जानकारी लेते रहे।
इत्तेहाद टूटने पर हुकूमत कैसे बने, इस पेश गोई को समझने के लिए पर्लियामानी काम वजीर बिजेंद्र प्रसाद यादव और असेंबली सदर उदय नारायण चौधरी ने लंबी बातचीत की। इत्तेहाद को लेकर होनेवाली बैठक के बारे में सरकारी बयान न तो जदयू के रियासती सदर वशिष्ठ नारायण सिंह ने दिया और न ही किसी और लीडर ने। जराए की मानें, तो 15 जून को बैठक तय है। अगर इस दिन फैसला नहीं हुआ, तो 16 जून को शरद यादव और नीतीश कुमार इत्तेहाद को लेकर बज़ाफ्ता एलान करेंगे।
इत्तेहाद में चल रही खींचतान के दरमियान जदयू का एक हिस्सा अफजाई है। ऐसी सोच रखनेवाले कायेदिनों की नजर काबिना से लेकर असेंबली में होनेवाली नामजदगी कोटे की सीट और कमीशन पर भी है। नीतीश हुकूमत में फिलहाल वजीर ए आला समेत 29 वजीर हैं। इनमें भाजपा कोटे के 11 वजीर हैं। आयनी शकों के मुताबिक बिहार में 36 वजीर काबिना में शामिल हो सकते हैं। इस तरह अगर इत्तेहाद टूटता है, तो एक झटके में जदयू के 18 असेंबली रुक्न को हुकूमत में शामिल होने का मौक़ा मिल सकता है।