आसाराम बापू की तमाम किताबें जला देंगे : मतोफ़ीह के अरकान ख़ानदान

बलिया, 09 जनवरी ( पी टी आई) दिल्ली इस्मत रेज़ि की शिकार मतोफ़ीह के अरकान ख़ानदान ने आसाराम बापू जी के एक हालिया मुतनाज़ा बयान को घटिया क़रार दिया है । अरकान ख़ानदान ने मीडीया नुमाइंदों से बात करते हुए कहा कि आसाराम बापू जैसी शख़्सियत से ऐसे मुतनाज़ा बयान की तवक़्क़ो नहीं की जा सकती थी।

मतोफ़ीह के भाई ने कहा कि हमारे दिलों में आसाराम बापू के लिए एहतिराम का जज़बा था और हमारे पास ऐसी कई किताबें हैं जो उनकी शख़्सियत पर तहरीर की गई हैं लेकिन हम जैसे ही दिल्ली वापस होंगे हम इन सब किताबों को नज़र-ए-आतिश कर देंगे । रुहानी शख़्सियात उस नौईयत के बयानात हरगिज़ नहीं देते ।

आसाराम ने जो भी बयान दिया है इससे उनकी ज़हनीयत का पता चलता है । याद रहे कि आसाराम बापू ने कल कहा था कि अगर मतोफ़ीह इस्मतरेज़ि करने वालों को भाई कह कर मुख़ातिब कर देती तो ना इस्मतरेज़ि होती और ना क़त्ल । मुल्क में इस्मतरेज़ि के बढ़ते हुए वाक़ियात पर तशवीश ज़ाहिर करते हुए अरकान ख़ानदान ने कहा कि अब वक़्त आ गया है कि मुल्क में सख़्त क़वानीन वज़ा किए जाएं और साथ ही साथ अवाम को भी अपना रवैय्या तब्दील करना चाहीए ।

मतोफ़ीह के वालिद ने कहा कि हमारे पूरे ख़ानदान की तवक़्क़ुआत उस वक़्त बहुत ज़्यादा बढ़ गई थीं जब उनकी बेटी को सिंगापुर मुंतक़िल किया गया था । हम यही समझ रहे थे कि सिंगापुर से वो मुकम्मल सेहतयाब होकर लौटेगी । दरीं असना ज़िला इंतिज़ामीया मतोफ़ीह की तेरहवीं ( मौत के बाद की रसूमात) मनाने की तैयारीयां कर रही है जो 12जनवरी को मुनाक़िद शुदणी है ।

ए एस पी अशोक त्रिपाठी ने कहा कि मज़कूरा तक़रीब में वी वी आई पीज की शिरकत की तौसीक़ नहीं हुई है लेकिन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने तैयारीयां इसी सतह पर की हैं जिस सतह पर वी वी वे आई पीज के लिए की जाती हैं क्योंकि ये भी मुम्किन है कि कोई वी वी आई पी आख़िरी लम्हात में शिरकत करे ।

गांव में इसी मक़सद के लिए एक हेलीपैड भी तैयार किया गया है । याद रहे कि मतोफ़ीह का असली नाम का हनूज़ इन्किशाफ़ नहीं हुआ है । बाअज़ सयासी हलक़ों से ये कहा जा रहा है कि मतोफ़ीह के अरकान ख़ानदान को इसका असली नाम बता देना चाहीए ताकि इसके नाम से मुनासिब यादगार क़ायम की जा सके ।

नई दिल्ली के इस दिलदोज़ वाक़िया के बाद पूरे मुल्क में एहतिजाज का सिलसिला शुरू हो गया था जिसने हुकूमत की बुनियादें हिला दी थीं।